शिमला में आक्रोश रैली: मांगें मनवाने को गरजे किसान-बागवान, आक्रोश रैली में पुलिस से धक्की-मुक्की
संयुक्त किसान मंच के बैनर तले प्रदर्शन में प्रदेश के 30 किसान-बागवान संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान शांति व्यवस्था बनाने के लिए भारी संख्या में पुलिस दल तैनात रहा। डीजीपी संजय कुंडू ने सुबह 10:30 बजे नवबहार और दोपहर 1:00 बजे छोटा शिमला पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
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प्रदेश भर के हजारों किसान-बागवान अपनी विभिन्न मांगें मनवाने के लिए शुक्रवार को सरकार के खिलाफ राजधानी शिमला में खूब गरजे। नवबहार से लेकर छोटा शिमला तक निकाली गई पैदल मार्च आक्रोश रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई। इस दौरान किसानों-बागवानों ने सचिवालय का घेराव भी किया। संयुक्त किसान मंच के बैनर तले प्रदर्शन में प्रदेश के 30 किसान-बागवान संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान शांति व्यवस्था बनाने के लिए भारी संख्या में पुलिस दल तैनात रहा। डीजीपी संजय कुंडू ने सुबह 10:30 बजे नवबहार और दोपहर 1:00 बजे छोटा शिमला पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रदर्शन के दौरान आधे शिमला शहर का यातायात सात घंटे तक थम गया। वाहनों को प्रदर्शनकारियों के बीच से निकलने में बाधाएं आती रहीं।
रैली को सचिवालय तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने छोटा शिमला में संजौली बस स्टॉप के पास तीन स्तर पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। प्रदर्शनकारी बैरिकेड पर चढ़ गए, जिसके बाद पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। हालांकि मंच के नेताओं के समझाने पर प्रदर्शनकारी शांत हो गए। मंच के संयोजक हरीश चौहान और संजय चौहान ने कहा कि सरकार किसानों-बागवानों को हल्के में लेने की गलती कर रही है। अभी यह शुरुआत है, मांगें नहीं मानी तो विधानसभा चुनाव तक हक की लड़ाई लड़ेंगे। विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि सरकार, मंत्री और अफसर सत्ता के नशे में डूबे हुए हैं और इन्हें किसानों-बागवानों का दर्द नहीं दिख रहा। सरकार की नालायकी से आज महिलाएं खेत-खलिहान और अपने परिवार छोड़कर सड़क पर उतरने को मजबूर हुई हैं। ऐसी असंवेदनशील सरकार को सत्ता में रहने का हक नहीं है। करीब डेढ़ घंटे बाद संयुक्त किसान मंच के नेताओं को बातचीत के लिए सचिवालय के भीतर बुलाया गया।
इन मांगों के लिए बोला हल्ला
किसान-बागवानों ने कई मांगों के लिए हल्ला बोला। किसान-बागवान चाहते हैं कि फल, फूल, सब्जी की पैकेजिंग पर खत्म हो जीएसटी, कश्मीर की तर्ज पर एमआईएस के तहत की जाए सेब खरीद, सेब पर 100 फीसदी आयात शुल्क हो, मंडियों में एपीएमसी कानून सख्ती से लागू होे, बैरियरों पर मार्केट फीस वसूली बंद हो। इसके अलावा खाद, बीज, कीटनाशकों पर सब्सिडी बहाल की जाए, कृषि बागवानी सहयोगी उपकरणों पर सब्सिडी, प्राकृतिक आपदाओं का मुआवजा जारी हो, ऋण माफ हों, बागवानी बोर्ड का गठन हो, सभी फसलों के लिए एमएसपी तय किया जाए, निजी कंपनियों के सेब खरीद रेट तय करने के लिए कमेटी बने, सहकारी समिति को सीए स्टोर बनाने के लिए 90 फीसदी अनुदान मिले, भूमि अधिग्रहण कानून 2013 लागू हो और मालभाड़े की बढ़ी दरें वापस ली जाएं।
सरकार ने मांगे 10 दिन, आंदोलन वापसी नहीं
30 किसान बागवान संगठन प्रतिनिधियों के साथ हुई मुख्य सचिव की बैठक में सरकार ने 20 सूत्री मांग पत्र को मानने के लिए समय मांगा है। संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान और सह संयोजक संजय चौहान ने बताया कि सरकार ने मांगें पूरी करने के लिए 10 दिन का समय मांगा है। हमने आंदोलन वापस नहीं लिया है। किसान-बागवानों के प्रति सरकार का रवैया सही नहीं है। सरकार चाहती तो हमें सुबह ही बातचीत के लिए बुला सकती थी।
कांग्रेस का सेब बागवानों के आंदोलन को समर्थन : दत्त
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश मामलों के सह प्रभारी संजय दत्त ने कहा कि कांग्रेस सेब बागवानों के आंदोलन का समर्थन करती है। प्रदेश कांग्रेस बागवानों के साथ खड़ी है। बागवानों-किसानों के साथ किसी भी अन्याय के खिलाफ कांग्रेस हमेशा लड़ाई लड़ती रहेगी। सह प्रभारी संजय दत्त ने शुक्रवार को सेब बागवानों के आंदोलन में शामिल होकर बागवानों को पार्टी का समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि आज देश में किसानों की हालत बहुत ही दयनीय होती जा रही है।
किसानों को उनकी उपज का वही पैसा मिल रहा है, जो आज से दस साल पहले उन्हें मिलता था। किसानों को उनकी पूरी लागत भी नहीं मिल रही है और यह चिंता की बात है। प्रदेश कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी महिला कांग्रेस, सेवादल, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई के अनेक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने छोटा शिमला में आंदोलनरत बागवानों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि वह स्वयं भी किसान हैं। इस आंदोलन में किसानों व बागवानों के साथ खड़े हैं।
बागवानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुई आम आदमी पार्टी
आम आदमी पार्टी के नेताओं ने शिमला में बागवानों के प्रदर्शन में शामिल होकर भाजपा सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। किसान विंग के प्रदेशाध्यक्ष अनिंदर सिंह नौटी, लोकसभा क्षेत्र के अध्यक्ष राकेश आजटा और प्रवक्ता गौरव शर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता नवबहार में एकत्र होकर सचिवालय में बागवानों के प्रदर्शन में शामिल हुए। नौटी ने कहा कि भाजपा सरकार किसान और बागवान विरोधी हैं। केंद्र की भाजपा सरकार किसानों के खिलाफ तीन काले कानून लेकर आई थी।
इसके विरोध में किसानों ने दिल्ली में लंबे समय तक विरोध दर्ज किया। भाजपा सरकार की नजरों में किसानों की कोई कीमत नहीं है। अब हिमाचल की भाजपा सरकार भी इसी पदचिह्नों चल रही है। डबल इंजन की सरकार जीएसटी को लेकर बहाना बना रही है। सेब पर आयात शुल्क को डबल करने का वादा प्रधानमंत्री ने पालमपुर और शिमला में हिमाचल की जनता से किया था, लेकिन वह भी आज तक पूरा नहीं किया। नौटी ने कहा कि जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन राजनीति से प्रेरित, जनता को गुमराह करने का प्रयास : बालनाटाह
हिमाचल सहकारी बैंक के अध्यक्ष खुशीराम बालनाटाह ने शुक्रवार को राज्य सचिवालय के नजदीक हुए संयुक्त किसान मंच के प्रदर्शन पर पलटवार करते हुए कहा कि आंदोलनकारी अपनी बात उचित मंच पर रखें, सड़कों पर नहीं। यह प्रदर्शन केवल राजनीति से प्रेरित था। बालनाटाह कहा की सरकार ने सेब मंडी मध्यस्थता योजना में वर्ष 2021 में प्रापण किए गए सेब की लंबित राशि 4.15 करोड़ एचपीएमसी और 4.45 करोड़ हिमफेड को 30 जुलाई 2022 को जारी कर दी है। प्रापण संस्थाओं एचपीएमसी और हिमफेड को आदेश दिए हैं कि वे बागवानों की लंबित राशि नकद में एक सप्ताह के भीतर जारी करना सुनिश्चित करे।
जयराम ठाकुर सरकार संवेदनशील सरकार है। सरकार ने बागवानी नीति में बदलाव करते हुए गत वर्षों की भांति विभिन्न प्रकार के कीटनाशकों के उपदान की पुरानी योजना दोबारा लागू कर दी है। बागवानों से संबंधित उपकरण, एंटी हेलनेट की अदायगी के लिए सरकार ने उद्यान विभाग को 20 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। निजी सीए स्टोर में लिए जाने वाले सेब के दाम तय करने की प्रक्रिया की निगरानी के लिए नौणी विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। पराला के लिए सड़क को चौड़ा करने के लिए 12.36 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान भाजपा सरकार ने किया है। प्रोसेसिंग प्लांट पराला शीघ्र ही बागवानों को समर्पित किया जाएगा। इस दौरान एपीएमसी के चेयरमैन नरेश शर्मा, भाजपा नेता चेतन बरागटा और भाजपा सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा भी मौजूद रहे।