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हिमाचल: शीतकालीन स्कूलों में दिसंबर में होगी तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा
Sat, 20 Nov 2021 10:59 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 20 Nov 2021 10:59 AM IST
सार
प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का नया प्रावधान लागू होते ही तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों पर अधिक फोकस किया जा रहा है। अब इन कक्षाओं में भी विद्यार्थियों को अंकों के आधार पर अगली कक्षाओं में भेजा जाएगा। कम अंक लाने पर विद्यार्थी फेल भी होंगे।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शीतकालीन स्कूलों में तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं दिसंबर में होंगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के पहले प्रावधान को प्रदेश में इसी सत्र से हिमाचल प्रदेश सरकार लागू करने जा रही है। इन कक्षाओं के प्रश्नपत्र स्कूल शिक्षा बोर्ड तैयार करेगा। उत्तर पुस्तिकाओं की जांच क्लस्टर, ब्लाक और जिला स्तर पर होगी। ग्रीष्मकालीन स्कूलों में मार्च में इन कक्षाओं की बोर्ड आधारित परीक्षाएं होंगी।
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प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का नया प्रावधान लागू होते ही तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों पर अधिक फोकस किया जा रहा है। अब इन कक्षाओं में भी विद्यार्थियों को अंकों के आधार पर अगली कक्षाओं में भेजा जाएगा। कम अंक लाने पर विद्यार्थी फेल भी होंगे। जुलाई 2021 में हुई कैबिनेट बैठक में तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों की भी परीक्षाएं लेने का फैसला लिया गया था।
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अभी तक पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत बिना परीक्षा परिणाम के ही अगली कक्षाओं में दाखिला दिया जाता रहा है। केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति में इन तीन कक्षाओं की परीक्षाएं लेने का प्रावधान किया है। राज्य सरकार ने वर्ष 2019 में पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम के आधार पर ही अगली कक्षा में भेजने का फैसला लिया था। मार्च 2020 में कोरोना महामारी के चलते सरकार ने पुराने फैसले को रद्द करते हुए इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रमोट कर दिया था।
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