फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   himachal News: expensive medicines at jan aushadhi kendra in himachal pradesh

Himachal: हिमाचल में दवाओं की बिक्री में खेल, जनौषधि केंद्रों में महंगी ब्रांडेड दवाओं की बिक्री

Sun, 23 Apr 2023 11:49 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 23 Apr 2023 11:49 AM IST
सार

जनौषधि केंद्रों में ब्रांडेड दवाओं को बेचे जाने पर नियमानुसार पूरी तरह पाबंदी है। राजधानी शिमला की कुछ दुकानों में ब्रांडेड दवाओं की बिक्री की जा रही है।

विज्ञापन
himachal News: expensive medicines at jan aushadhi kendra in himachal pradesh
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में दवाओं की बिक्री में खेल हो रहा है। राज्य में अस्पतालों के बाहर खोले जा रहे जनौषधि केंद्रों में महंगी ब्रांडेड दवाओं की बिक्री की जा रही है। इस संबंध में विजिलेंस ब्यूरो के पास भी एक शिकायत पहुंची है। जनौषधि केंद्रों में ब्रांडेड दवाओं को बेचे जाने पर नियमानुसार पूरी तरह पाबंदी है। इससे भारत सरकार की इस योजना पर ही सवाल खड़ा हो गया है। यह जनौषधि योजना आम और गरीब लोगों को सस्ती जेनेरिक दवाएं देने के नाम पर लाई गई है।

विज्ञापन


इसके लिए अस्पतालों के बाहर दुकानों को बनाने के लिए केंद्र सरकार ने मदद भी दी। शुरू-शुरू में इन दुकानों में केवल सस्ती जेनेरिक दवाएं ही बिकती रहीं। अब कई दुकानों में ब्रांडेड दवाओं की बिक्री की जा रही है। राजधानी शिमला की कुछ दुकानों के भी यही हाल हैं। इस संबंध में स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो के पास भी एक शिकायत हुई है, जिस पर आगामी दिनों में छानबीन शुरू हो सकती है।
विज्ञापन


रोगी कल्याण समिति से प्रस्ताव पास कर की जा रही केंद्रीय नियमों की अवहेलना
कई अस्पतालों में जनौषधि केंद्रों में रोगी कल्याण समिति समिति से प्रस्ताव पास कर ब्रांडेड दवाएं बेचने की अनुमति दिलाकर केंद्रीय नियमों की अवहेलना की जा रही है। इस संबंध में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की ओर से भी हिमाचल प्रदेश सहित सभी राज्यों को बार-बार पत्र जारी किए जा रहे हैं कि प्रधानमंत्री भारतीय जनौषधि परियोजना और प्रधानमंत्री भारतीय जनौषधि केंद्र को किसी भी ऐसी दवा को बेचने की मंजूरी नहीं होगी, जो फार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेज ब्यूरो ऑफ इंडिया के पॉकेट में न आती हो। सभी पीएमबीआई दवाओं पर प्रधानमंत्री भारतीय जनौषधि परियोजना का लोगो होता है। इस पर एमआरपी भी लिखे होते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed