Dalai Lama: दलाईलामा ने मनाया 88वां जन्मदिन, सीएम सुक्खू भी पहुंचे, पीएम मोदी ने फोन पर दी बधाई
14वें दलाई लामा तेंजिन ग्यात्सो का जन्म 6 जुलाई 1935 को उत्तर-पूर्वी तिब्बत के ताकस्तेर में हुआ था। दलाईलामा 6 दशक से भारत के अतिथि हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तिब्बत के आध्यात्मिक धर्मगुरु और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता दलाईलामा ने गुरुवार को मैकलोडगंज में 88वां जन्मदिन मनाया। दलाईलामा के जन्मदिन समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू समेत दुनिया भर की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं। मैकलोडगंज स्थित दलाईलामा मंदिर में सुबह 7:00 बजे से धर्मगुरु की लंबी आयु के लिए बौद्ध भिक्षु और निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रतिनिधियों ने पूजा-अर्चना की। दलाईलामा समारोह स्थल पर करीब सुबह दस बजे पहुंचे।
यहां पर विशेष अतिथियों की मौजूदगी में दलाईलामा ने केक काटा। इस दौरान तिब्बत के अलावा कई समुदायों के कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां पेश कीं। 14वें दलाई लामा तेंजिन ग्यात्सो का जन्म 6 जुलाई 1935 को उत्तर-पूर्वी तिब्बत के ताकस्तेर में हुआ था। दलाईलामा 6 दशक से भारत के अतिथि हैं। दलाईलामा का जन्मदिन तिब्बती समुदाय के सबसे भव्य आयोजनों में से एक होता है।
दलाईलामा को मिलना चाहिए भारत रत्न : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मैक्लोडगंज में तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाईलामा को उनके 88वें जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने आध्यात्मिक गुरु दलाईलामा को सम्मानित भी किया। मीडिया के एक प्रश्न के जवाब में सुक्खू ने कहा कि धर्मगुरु दलाईलामा को सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार धर्मगुरु दलाईलामा को भारत रत्न देने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजेगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि तिब्बती समुदाय के लोगों और प्रदेश के बीच 75 वर्षों का गहरा रिश्ता है। उन्होंने दोनों समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण सह-अस्तित्व पर प्रकाश डाला और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार तिब्बती समाज के कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहेगी। उन्होंने कहा कि दलाईलामा की जीवन यात्रा, दृढ़-निश्चय समर्पण और संघर्षों से भरी है। उन्होंने सभी से दलाईलामा की शिक्षाओं और अनुभवों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और कहा कि उनके विचारों को आत्मसात करते हुए हमें अध्यात्म के पथ पर आगे बढ़ना चाहिए। दलाईलामा अहिंसा, करुणा और भाईचारे का प्रतीक हैं और दुनियाभर में प्रेम, शांति और भाईचारे के अग्रदूत के रूप में जाने जाते हैं।
पीएम मोदी ने बधाई दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दलाईलामा को उनके जन्मदिन पर बधाई दी है। मोदी ने ट्वीट किया- आध्यात्मिक धर्मगुरु दलाईलामा से फोन पर बातचीत हुई और उन्हें 88वां जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।
Spoke to His Holiness @DalaiLama and conveyed heartfelt greetings to him on his 88th birthday. Wishing him a long and healthy life.
— Narendra Modi (@narendramodi) July 6, 2023
"धर्मशाला आकर परमपावन धर्म गुरु आदरणीय दलाई लामा जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं देकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। दलाई लामा जी शांति और करुणा के सच्चे प्रतीक है उनकी शिक्षाएं दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरित करती रहती हैं। मुझे विश्वास है कि इनकी शिक्षाएं और… pic.twitter.com/CYBmkmaQuJ
— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) July 6, 2023
राज्यपाल ने दलाईलामा को दी जन्मदिवस की बधाई
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने वीरवार को तिब्बत के आध्यात्मिक धर्मगुरु, नोबेल शांति पुरस्कार विजेता दलाईलामा से दूरभाष पर बातचीत कर उन्हें उनके 88वें जन्मदिवस पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दलाईलामा के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। राज्यपाल ने कहा कि उनका प्यार, करुणा और क्षमाशीलता का संदेश मानवता के लिए एक बड़ी सीख है। शांति का उनका संदेश तथा अहिंसा, अंतर धार्मिक मेल-मिलाप, सार्वभौमिक उत्तरदायित्व और करुणा के उनके विचार मानव समाज के लिए आज अधिक प्रासंगिक हैं।