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Himachal High Court: हिमाचल हाईकोर्ट ने दिए शास्त्री शिक्षक को वर्ष 1996 से बढ़े हुए पे स्केल देने के आदेश

Sun, 31 Jul 2022 12:12 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sun, 31 Jul 2022 12:12 AM IST
सार

शिक्षा विभाग में कार्यरत शास्त्री शिक्षक को वर्ष 1996 से बढ़ा हुआ पे स्केल देने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश सत्येन वैद्य ने शिक्षा विभाग को आदेश दिए कि आठ सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता से वसूली गई राशि को वापस करे। 

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Himachal High Court ordered to give increased pay scale to Shastri teacher from the year 1996
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग में कार्यरत शास्त्री शिक्षक को वर्ष 1996 से बढ़ा हुआ पे स्केल देने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश सत्येन वैद्य ने शिक्षा विभाग को आदेश दिए कि आठ सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता से वसूली गई राशि को वापस करे। सुन्नी निवासी पुरषोत्तम दत्त वर्ष 1990 से 1998 तक शिक्षा विभाग में जेबीटी के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 1998 में वह शास्त्री शिक्षक के पद पर तैनात हुए। याचिकाकर्ता को 5000-8100 रुपये का पे स्केल दिया गया जबकि एक जनवरी 1996 से शास्त्री शिक्षकों का पे स्केल 5480-8925 रुपये बढ़ा दिया गया था।

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हाईकोर्ट के आदेशानुसार सभी शास्त्री शिक्षकों को एक जनवरी 1996 से 5480-8925 रुपये का पे स्केल दिया गया जबकि याचिकाकर्ता को बढ़े हुए पे स्केल का लाभ नहीं दिया गया। वर्ष 2012 में याचिकाकर्ता को बढ़ा हुआ पे स्केल दिया गया, लेकिन 2014 में फिर से पुराना पे स्केल ही दिया गया। विभाग ने याचिकाकर्ता से बढ़े हुए पे स्केल की एवज में अदा किए गए अतिरिक्त वेतन की वसूली भी कर ली। विभाग की इस कार्यशैली को याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट के  समक्ष चुनौती दी थी। अदालत ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड का अवलोकन करने पर पाया कि हाईकोर्ट ने पहले शास्त्री शिक्षक को 5480-8925 रुपये का पे स्केल दिए जाने का हकदार माना है। याचिकाकर्ता को बढ़े हुए पे स्केल का लाभ न दिया जाना संविधान के विपरीत है। 

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