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हिमाचल सरकार ने केंद्र को भेजी रिपोर्ट, एसपी गौरव की मुश्किलें बढ़ीं
Tue, 13 Jul 2021 11:46 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 13 Jul 2021 11:46 AM IST
सार
अगर सरकार केंद्र को जानकारी भेजती है और गृह मंत्रालय निलंबन को कन्फर्म करता है तो इस मियाद के बाद भी आरोपी अधिकारी न सिर्फ निलंबित रह सकता है, बल्कि सरकार पर भी 45 दिन में चार्जशीट देने की बाध्यता नहीं रहती।
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कुल्लू मारपीट मामला(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में हुए बहुचर्चित थप्पड़ कांड में सरकार ने केंद्र को रिपोर्ट भेज दी है। प्रदेश के गृह विभाग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को आईपीएस अधिकारी गौरव सिंह के निलंबन की जानकारी भेजी है। अगर मंत्रालय निलंबन को कन्फर्म करता है तो इससे एसपी गौरव की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। दरअसल, निलंबित किए जाने के बाद सरकार को 45 दिन के भीतर आरोपी अफसर को चार्जशीट देनी होती है। इस अवधि में चार्जशीट न करने पर निलंबन वापस हो जाता है।
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अगर सरकार केंद्र को जानकारी भेजती है और गृह मंत्रालय निलंबन को कन्फर्म करता है तो इस मियाद के बाद भी आरोपी अधिकारी न सिर्फ निलंबित रह सकता है, बल्कि सरकार पर भी 45 दिन में चार्जशीट देने की बाध्यता नहीं रहती। सूत्रों की मानें तो सरकार के स्तर पर यह पेच फंसा है कि अगर गौरव का निलंबन जारी रहता है तो मुख्यमंत्री के करीबी बताए जाने वाले उनके पूर्व पीएसओ बलवंत सिंह पर अफसर को लात मारने के आरोप पर भी कार्रवाई करने का दबाव बढ़ जाएगा। फिलहाल, सरकार ने कागजी कार्रवाई के तौर पर गौरव के निलंबन की जानकारी केंद्र को भेज दी है।
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कुल्लू में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दौरे के दौरान गौरव सिंह ने एडिशनल एसपी मुख्यमंत्री सुरक्षा बृजेश सूद को थप्पड़ मार दिया था। मुख्यमंत्री के तत्कालीन पीएसओ बलवंत सिंह ने गौरव को लातें मारी थीं। इस घटनाक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद सरकार ने गौरव और बलवंत को निलंबित कर तीनों को पुलिस मुख्यालय व मंडी आईजी रेंज कार्यालय में अटैच किया था। हालांकि, जांच रिपोर्ट आने के बाद बृजेश को फिर से एडिशनल एसपी सीएम सुरक्षा लगा दिया था।
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