सेब के रेट गिरने के मुद्दे पर घिरी सरकार को अब मक्की की चिंता, बैठक में अच्छे दाम दिलाने पर हुई मंत्रणा
प्रदेश में बाजार में भेजने के लिए करीब डेढ़ लाख मीट्रिक टन मक्की हर साल होती है। ऐसे में एक लाख मीट्रिक टन की खपत तो यहीं हो सकती है। यहां अभी तक प्रदेश की केवल 10 से 20 फीसदी मक्की ही जाती है। अगर सारी मक्की प्रदेश की ही खरीदी जाए तो यहां के किसानों को मुनाफा हो सकता है।
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सेब के रेट गिरने के मुद्दे पर घिरी हिमाचल प्रदेश सरकार को अब मक्की की चिंता सताने लगी है। मक्की की कटाई से पहले ही सरकार ने राज्य सचिवालय में कृषि और विपणन अधिकारियों की बैठक बुलाई। इसमें मक्की की फसल को अच्छे दाम दिलाने पर गंभीर मंत्रणा की गई। मक्की की फसल के अच्छे दाम दिलाने के लिए कृषि महकमा ऊना स्थित इथेनॉल उद्योग से संपर्क करेगा। यह उद्योग पंजाब से ही 80 फीसदी मक्की खरीदता है। इस उद्योग से विभाग हिमाचल के मक्की उत्पादकों से मक्की खरीद करवाएगा। राज्य के बाहर के इथेनॉल उद्योगों से भी संपर्क किया जा सकता है। पिछले साल भी दाम ठीक नहीं मिले थे। राज्य सचिवालय में यह बैठक कृषि सचिव डॉ. अजय शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इसमें कृषि निदेशक सहित कई अधिकारी मौजूद हुए।
कृषि सचिव ने इन अधिकारियों से सुझाव मांगे। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि ऊना में एक इथेनॉल उद्योग है। इसे हर वर्ष एक लाख मीट्रिक टन मक्की की जरूरत होती है। प्रदेश में बाजार में भेजने के लिए करीब डेढ़ लाख मीट्रिक टन मक्की हर साल होती है। ऐसे में एक लाख मीट्रिक टन की खपत तो यहीं हो सकती है। यहां अभी तक प्रदेश की केवल 10 से 20 फीसदी मक्की ही जाती है। अगर सारी मक्की प्रदेश की ही खरीदी जाए तो यहां के किसानों को मुनाफा हो सकता है। कृषि सचिव ने कहा कि मक्की को मार्केट में आने के लिए अभी एक महीने का समय है। उससे पहले ही खरीद की तैयारियों के लिए यह बैठक बुलाई गई है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित, पर एफसीआई नहीं खरीदता हिमाचल की मक्की
बेशक केंद्र सरकार ने मक्की का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया है, इसके बावजूद एफसीआई मक्की की खरीद नहीं करता। बैठक में यह बात भी सामने आई। इसके लिए भी अधिकारियों ने अन्य विकल्पों पर चर्चा की।
मिल्कफेड भी नहीं कर रहा किसानों से खरीद
हिमाचल प्रदेश में कैटल फीड के लिए सरकारी उपक्रम मिल्कफेड ने भी मक्की की खरीद करने का एलान किया था, लेकिन यह भी दावे के मुताबिक नहीं खरीद रहा है। मिल्कफेड ने वर्ष 2019 में इस संबंध में एक योजना बनाने की बात की थी।