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खिलाड़ियों से खेल: देश की झोली में दो पदक डालने वाली पलक के अपने हाथ खाली
Wed, 23 Feb 2022 01:44 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 23 Feb 2022 01:44 PM IST
सार
रजत पदक जीतने के बाद तत्कालीन सरकार ने पलक को नगद इनाम राशि देने का भरोसा दिलाया था। वर्तमान सरकार को भी पांच साल पूरे होने को हैं, मगर इनामी राशि अभी तक नहीं मिल सकी है।
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पलक भारद्वाज
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पसीना बहाकर देश के लिए मेडल लाने वाले खिलाड़ी उपेक्षा का शिकार हैं। सरकाघाट की पलक भी इसका शिकार हैं। साल 2015 में अमेरिका में वर्ल्ड समर गेम्स में देश के लिए रोलर स्केटिंग में दो रजत पदक जीतने वाली इस खिलाड़ी की सुध लेने वाला कोई नहीं है। रजत पदक जीतने के बाद तत्कालीन सरकार ने पलक को नगद इनाम राशि देने का भरोसा दिलाया था।
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वर्तमान सरकार को भी पांच साल पूरे होने को हैं, मगर इनामी राशि अभी तक नहीं मिल सकी है। विजेता खिलाड़ी के पिता भीम सिंह भारद्वाज ने इस बारे में डीसी मंडी अरिंदम चौधरी को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी पलक भारद्वाज बचपन से ही दिव्यांग है। बावजूद उनकी बेटी ने 25 जुलाई से 2 अगस्त 2015 तक हुए वर्ल्ड समर गेम्स में देश का नाम रोशन किया था।
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दिव्यांग पलक भारद्वाज मौजूदा समय में प्रेम आश्रम ऊना में अपनी पढ़ाई पूरी कर रही है। उन्होंने बताया कि 15 अक्तूबर 2015 को राज्य भवन शिमला में तत्कालीन राज्यपाल ने दिव्यांग बच्चों को स्मृति चिन्ह सहित नगद इनाम देने का भरोसा दिया था। परिजन अधिकारियों, मंत्रियों सहित सीएमओ ऑफिस तक इस राशि को पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। इससे साफ होता है कि सरकार ने पदक विजेता को नकार दिया।
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उन्होंने बताया कि 8 अप्रैल 2017 में एक खेल आयोजन में बच्चों को नकद इनाम राशि दी गई। वह बेहद ही कम थी। जिसे लेने से उन्होंने इनकार कर दिया था। इस पर मौजूदा मंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि इस राशि को बढ़ाकर दिया जाएगा। आज तक आश्वासन से आगे कुछ नहीं हुआ। खेल विभाग ने उनसे आज दिन तक संपर्क नहीं किया है। उन्होंने प्रदेश सरकार, खेल विभाग और डीसी मंडी से यह मांग की है कि रजत विजेता पलक भारद्वाज को इनामी राशि देकर प्रोत्साहित किया जाए।