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Himachal Election: आशा ने मुख्यमंत्री बनाने के नारों पर जताई नाराजगी
Wed, 09 Nov 2022 11:36 AM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 09 Nov 2022 11:36 AM IST
सार
राजनीतिक गलियारों में भी ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि आशा कुमारी विधानसभा में सबसे वरिष्ठ विधायक हैं, जिन्हें कांग्रेस पार्टी चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री बना सकती है।
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हिमाचल चुनाव 2022
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कांग्रेस के प्रचार के दौरान मंगलवार को डियूर गांव में डलहौजी की विधायक आशा कुमारी ने अपने ही कार्यकर्ताओं को ‘हिमाचल का मुख्यमंत्री कैसा हो, आशा कुमारी जैसा हो’ के नारे लगाने पर ऐतराज जताया और उन्हें डलहौजी सीट से बड़े अंतर से जीत दिलाने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।
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गौरतलब है कि कई ओपिनियन पोल और सर्वे के नतीजे बता रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी हिमाचल प्रदेश में बहुमत का आंकड़ा हासिल कर सकती है। राजनीतिक गलियारों में भी ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि आशा कुमारी विधानसभा में सबसे वरिष्ठ विधायक हैं, जिन्हें कांग्रेस पार्टी चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री बना सकती है। हालांकि, आशा कुमारी ने ऐसी सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि बहुमत मिलने पर मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इस बात का फैसला कांग्रेस हाईकमान करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी में चुनाव से पहले किसी को भी मुख्यमंत्री का दावेदार घोषित करने का रिवाज नहीं है और ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर आखिरी फैसला हाईकमान का होता है।
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इससे पहले उन्होंने संघणी, भांदल और लनोट गांवों का दौरा कर लोगों को संबोधित किया। आशा कुमारी ने कहा कि भाजपा सरकार महिला विरोधी सरकार है और केंद्र की सरकार और राज्य सरकार ने मिलकर भी प्रदेश की महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया। चुनाव से पहले भाजपा के नेता महिला सम्मान पर बड़े-बड़े प्रवचन देते हैं लेकिन चुनाव जीतते ही पलट जाते हैं। भाजपा सरकार अपने चुनावी घोषणापत्र में कहती है कि वह बीपीएल परिवार की बेटियों को शादी पर 51,000 रुपये देगी। वहीं, दूसरी तरफ उनके मंत्री महिलाओं पर अत्याचार करने वाले पाखंडी बाबा लोगों की शरण में जाते हैं और चुनाव से पहले उनकी खुशामद करते हैं। उन्होंने कहा कि महिला शक्ति को नजरअंदाज करने वाली भाजपा को प्रदेश की जनता चुनाव में सबक सिखाएगी। उन्होंने कहा कि लोग समझदार हैं और इस बार वह महिलाओं के हितों की रक्षा करने वाली सरकार को चुनेंगे। उन्होंने विस चुनाव में सोच समझकर मत डालने के लिए आग्रह किया।
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