फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   himachal election 2022, After inprinciple approval in Punjab, OPS issue gets air in Himachal

OPS Issue: पंजाब में सैद्धांतिक मंजूरी के बाद हिमाचल में ओपीएस मुद्दे को मिली हवा

Sat, 22 Oct 2022 11:11 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 22 Oct 2022 11:11 AM IST
विज्ञापन
सार
हिमाचल और गुजरात विधानसभा चुनाव के बीच पंजाब कैबिनेट ने शुक्रवार को ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू करने को मंजूरी दे दी है। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ओपीएस को लागू करने की घोषणाएं पहले ही कर चुकी है।
loader
himachal election 2022, After inprinciple approval in Punjab, OPS issue gets air in Himachal
मेहंदी रचाकर मांगी पुरानी पेंशन - फोटो : संवाद

विस्तार

 पंजाब सरकार की ओर से ओपीएस (ओल्ड पेंशन स्कीम) को सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद हिमाचल प्रदेश में भी इस मुद्दे को हवा मिल गई है। हिमाचल और गुजरात विधानसभा चुनाव के बीच पंजाब कैबिनेट ने शुक्रवार को ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू करने को मंजूरी दे दी है। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ओपीएस को लागू करने की घोषणाएं पहले ही कर चुकी है। हिमाचल के चुनावों में पुरानी पेंशन बहाली बड़ा मुद्दा बन चुका है। दोनों राजनीतिक दल आप और कांग्रेस इस मुद्दे को अब भुनाने में जुट गए हैं। कांग्रेस ने बीते दिनों चुनावों के लिए दी दस गारंटियों में पुरानी पेंशन बहाली को पहले नंबर पर रखा है। सोलन में हुई कांग्रेस की परिवर्तन प्रतिज्ञा रैली में प्रियंका गांधी ने पहली ही कैबिनेट बैठक में पुरानी पेंशन को बहाल करने का एलान किया है। आप के नेता भी पहली कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे को मंजूरी देने का दावा कर रहे हैं। प्रदेश के विधानसभा चुनाव में पुरानी पेंशन स्कीम को कांग्रेस और आप ने बड़ा हथियार बना दिया है। बता दें कि ओपीएस में पेंशनरों को कर्मचारी के रूप में अंत में ड्रा (सेवानिवृत्ति के समय प्राप्त आखिरी वेतन) किए वेतन का 50 फीसदी ही मिलता है।



इसके विपरीत एनपीएस एक कंट्रीब्यूटरी स्कीम है, जिसमें कर्मचारियों को अपने वेतन का दस प्रतिशत हिस्सा देना होता है। सरकार कर्मचारी के एनपीएस खाते में 14 प्रतिशत भाग डालती है। राज्य में वर्ष 2003 से पहले नियुक्त 1,90,000 कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम का लाभ मिल रहा है। इसके बाद जो कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं, उन्हें नई पेंशन स्कीम में ही पेंशन देने का फैसला हुआ है। वर्ष 2003 के बाद सरकारी नौकरी में आए इस तरह के कर्मचारियों की संख्या करीब 1,10,000 है। जो पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली मांग रहे हैं। जयराम सरकार ने इस पर खूब मंथन किया, लेकिन सरकार प्रदेश की आर्थिक तंगहाली के बीच इस पर फैसला नहीं ले सकी। आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सुरजीत ठाकुर ने कहा कि पंजाब सरकार ने ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू करने का वायदा पूरा किया है। हिमाचल और गुजरात में चुनाव जीतने के बाद ओपीएस को लागू किया जाएगा। राजस्थान और छत्तीसगढ़ के नेता ओपीएस को लेकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता अलका लांबा ने कहा है कि कांग्रेस प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए वचनबद्ध है। पार्टी ने अपनी हर गारंटी को पूरी समीक्षा करने के बाद ही तैयार किया है।


अधिसूचना जारी होने पर संगठन बनाएगा अगली रणनीति : प्रदीप
शिमला। हिमाचल प्रदेश एनपीएस कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि पंजाब के कर्मचारियों को बधाई जो उनको पंजाब सरकार ने पुरानी पेंशन देने की घोषणा की है। इस बारे में पंजाब सरकार क्या अधिसूचना जारी करती है? इसको देखने के बाद ही संगठन अगली रणनीति तैयार करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed