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Himachal Election 2022: चुनाव ड्यूटी में 60 हजार कर्मचारी रहे तैनात, आयोग के पास नहीं पहुंचे 22 हजार मतपत्र

Tue, 29 Nov 2022 08:52 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/शिलाई (सिरमौर)
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/शिलाई (सिरमौर) Published by: Krishan Singh Updated Tue, 29 Nov 2022 08:52 PM IST
सार

 चुनाव आयोग ने सभी जिलों के चुनाव अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं कि कि तने सर्विस वोटरों को मतपत्र नहीं मिले, इसे लेकर चुनाव आयोग के पास विस्तृत रिपोर्ट तुरंत भेजी जाए। 

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himachal election 2022, 60 thousand employees were deployed in election duty, 22 thousand ballots did not reac
मतपत्र(सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

 हिमाचल विधानसभा चुनाव ड्यूटी पर तैनात 22,000 सर्विस वोटरों के मतपत्र संबंधित चुनाव अधिकारियों के पास नहीं पहुंचे हैं। जबकि, प्रदेश भर में चुनाव ड्यूटी में तैनात कुल 60,000 सर्विस वोटरों को फार्म-12 डी भरने के बाद मतपत्र जारी किए जाने थे। इनमें से करीब 59,000 वोटरों ने फार्म-12 डी भरा और इन्हें मतपत्र जारी किए गए। उधर, चुनाव आयोग ने सभी जिलों के चुनाव अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं कि कि तने सर्विस वोटरों को मतपत्र नहीं मिले, इसे लेकर चुनाव आयोग के पास विस्तृत रिपोर्ट तुरंत भेजी जाए। सर्विस वोटरों को मतपत्र न मिलने पर कांग्रेस की शिकायत पर विवाद गहराने के बाद मंगलवार को चुनाव आयोग हरकत में आ गया है। कांग्रेस मामले में शिकायत के बाद चुनाव आयोग को रिमाइंडर भी दे चुकी है। चुनाव आयोग के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती इस बार सर्विस वोटरों का मतदान प्रतिशत बढ़ाना भी है।

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सर्विस वोटरों को अपना मत पत्र संबंधित चुनाव अधिकारी के पास 8 दिसंबर की सुबह 8 बजे से पहले पहुंचना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस के विधि विभाग के अध्यक्ष आईएन मेहता ने चुनाव आयोग के पास शिकायत दी है कि अभी तक सर्विस वोटरों खासकर सुरक्षा में तैनात कई पुलिस कर्मियों को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए मतपत्र नहीं मिले हैं। ऐसे में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव की कल्पना कैसे की जा सकती है। कांग्रेस ने इस शिकायत के बाद चुनाव आयोग के पास रिमाइंडर भी भेजा है।  राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनीष गर्ग ने कहा कि इस मामले को लेकर चुनाव आयोग ने राज्य के सभी जिलों के चुनाव अधिकारियों से तुरंत विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यह भी जानना चाहा है कि कितने सर्विस वोटरों को क्यों मतपत्र नहीं दिए गए और इसके पीछे कारण क्या हैं। सर्विस वोटरों को फार्म 12-डी भरने के बाद तय तारीख तक मतपत्र जारी जाने थे।
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रिसीव करने के बाद भी नहीं खोली डाक, कर्मियों पर गिरेगी गाज
उधर, शिलाई विधानसभा क्षेत्र में तैनात 41 पुलिस कर्मियों को पोस्टल बैलेट जारी न होने के मामले में विभागीय जांच तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि पुलिस अधीक्षक सिरमौर के कार्यालय से पोस्टल बैलेट जारी करने के लिए फार्म 12 के तहत आवेदन समय पर निर्वाचन कार्यालय शिलाई पहुंच गए थे, लेकिन डाक को किसी ने नहीं खोला। लिहाजा, पुलिस कर्मी मतदान से वंचित रह गए। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर गाज गिरना तय है।   डाक से प्राप्त आवेदन फार्म गुम होने के बाद निर्वाचन कार्यालय शिलाई में हफ्ते से कसरत चल रही थी, लेकिन इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी को सूचित तक नहीं किया गया। सूत्रों की मानें तो कार्यालय में पैकेट भी बरामद कर लिया गया है। सवाल यही उठता है कि पैकेट रिसीव करने के बाद उसे खोला क्यों नहीं गया। बताया जा रहा है कि जिस कर्मचारी ने डाक प्राप्त की, वह टेबल पर पड़ी थी। इसी बीच किसी अन्य कर्मी ने डाक को उठाकर दूसरी जगह रख दिया। इस वजह से डाक नहीं खोली जा सकी। एसडीएम शिलाई सुरेश सिंघा ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच चल रही है। उन्होंने माना कि पैकेट डाक से रिसीव किया गया था। इस मामले में तहसीलदार जांच कर रहे हैं। जल्द स्थिति साफ होगी। 

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