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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Cabinet meeting today decisions 6 March 2023 HP Govt nod for new Excise Policy for the year 2023-24

HP Cabinet Decision: हिमाचल में महंगी होगी शराब, प्रति बोतल दस रुपये लगेगा मिल्क सेस

Mon, 06 Mar 2023 09:12 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 06 Mar 2023 09:12 PM IST
सार

मिल्क सेस से प्राप्त होने वाली राशि को गाय-भैंस पालकों से हर दिन दस लीटर दूध खरीदने की योजना पर खर्च किया जाएगा। सरकार ने शराब की प्रति बोतल पर लगने वाले दाे से पांच रुपये के कोविड सेस को हटा दिया है।

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Himachal Cabinet meeting today decisions 6 March 2023 HP Govt nod for new Excise Policy for the year 2023-24
हिमाचल कैबिनेट की बैठक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में एक अप्रैल 2023 से शराब महंगी हो जाएगी। आर्थिक तंगी से जूझ रही सुक्खू सरकार ने पांच साल बाद प्रदेश में दोबारा से शराब ठेकों की नीलामी करने का फैसला लिया है। इस व्यवस्था के तहत 15 से 20 फीसदी अधिक दाम पर शराब ठेकों को नीलाम किया जाएगा। प्रति बोतल आठ से दस रुपये मिल्क सेस लगाने का फैसला भी लिया गया है। मिल्क सेस से प्राप्त होने वाली राशि को गाय-भैंस पालकों से हर दिन दस लीटर दूध खरीदने की योजना पर खर्च किया जाएगा। सरकार ने शराब की प्रति बोतल पर लगने वाले दाे से पांच रुपये के कोविड सेस को हटा दिया है। प्रति बोतल ढाई रुपये लिए जाने वाले काऊ सेस को जारी रखा गया है।

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सोमवार को राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में वर्ष 2023-24 के लिए आबकारी नीति को मंजूरी दी गई। वर्ष 2017-18 से प्रदेश में शराब के ठेकों का शुल्क बढ़ाकर नवीनीकरण किया जाता रहा है। सोमवार को बैठक में मंत्रिमंडल को अवगत कराया गया कि इस बार भी अगर 10 फीसदी शुल्क बढ़ाकर ठेकों का नवीनीकरण किया जाए तो सरकार को 2357 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। विस्तृत चर्चा के बाद मंत्रिमंडल ने राजस्व में 15 से 20 फीसदी की वृद्धि करने के लिए शराब ठेकों को नीलाम करने का फैसला लिया।
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मंत्रिमंडल ने वर्ष 2023-24 के लिए राज्य में खुदरा आबकारी दुकानों की नीलामी एवं निविदा को स्वीकृति प्रदान की। सरकार ने तर्क दिया है कि नीलामी से सरकार के राजस्व में पर्याप्त वृद्धि होगी। पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी पर अंकुश लगेगा। बैठक में पांच लीटर केग ड्रोट बियर की खुदरा बिक्री शुरू करने का निर्णय भी लिया गया। इससे ग्राहकों को बियर की विभिन्न किस्में उपलब्ध होंगी।
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राज्य की वाइनरियों में आयातित वाइन की बॉटलिंग की अनुमति भी प्रदान की गई है। इससे ग्राहकों के लिए बेस्ट सेलिंग हाई रेंज वाइन ब्रांड उपलब्ध हो सकेगी। मंत्रिमंडल ने बागवानों की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत फलों के आसवन से निर्मित स्प्रिट या इसके डिस्टीलेशन और ब्लेंडिंग द्वारा प्राप्त शराब की नई किस्में शुरू करने का निर्णय भी लिया।

राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एल-3, एल-4, एल-5 लाइसेंस धारकों को 3 स्टार रेटिड और उससे ऊपर के होटलों के सभी कमरों में रहने वालों के लिए मिनी बार की अनुमति प्रदान करने का निर्णय लिया। बैठक में राज्य में एक प्रभावी ऑनलाइन एंड-टू-एंड आबकारी प्रशासन प्रणाली स्थापित करने का निर्णय लिया गया। जिसमें वास्तविक समय में निगरानी के लिए मॉड्यूल के अलावा शराब की बोतलों के ट्रैक एवं ट्रेस की सुविधा शामिल होगी।

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10 मार्च से बिजली परियोजनाओं से वाटर सेस वसूलेगी सरकार

 

प्रदेश मंत्रिमंडल ने सोमवार को आगामी विधानसभा बजट सत्र में हिमाचल प्रदेश जल उपकर जलविद्युत उत्पादन विधेयक, 2023 पेश करने की मंजूरी दी है। हिमाचल प्रदेश जल उपकर लागू करने का भी निर्णय लिया है। यह वाटर सेस 10 मार्च से वसूला जाएगा। सरकार ने इससे पहले हिमाचल प्रदेश जल उपकर जलविद्युत उत्पादन अध्यादेश, 2023 लाया है। विधानसभा के बजट सत्र में यह विधेयक लाया जाएगा।इसके लागू होने से सरकार को हर साल 1,000 करोड़ की आय होगी।

सरकार प्रति घनमीटर 0.10 रुपये से 0.50 रुपये प्रति घनमीटर तक वाटर सेस वसूलेगी। यह सेस वसूलने के लिए सरकार एक आयोग बनाएगी। इसमें अध्यक्ष सहित कुल चार सदस्य रखे जाएंगे। आयोग के ये सदस्य प्रशासनिक, लीगल और अनुभव के आधार पर नियुक्त किए जाएंगे। आर्थिक तंगी से जूझ रही हिमाचल सरकार ने राजस्व बढ़ाने का काम शुरू कर दिया है।

सरकार ने प्रदेश में पन बिजली उत्पादन पर वाटर सेस लागू करने के लिए बजट सत्र में हिमाचल प्रदेश जल उपकर जलविद्युत उत्पादन विधेयक, 2023 पेश करने की मंजूरी दे दी है। पड़ोसी राज्य उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर राजस्व जुटाने के लिए प्रदेश सरकार ने बिजली उत्पादन पर पानी का सेस लगाने का फैसला लिया है।

प्रदेश में छोटी-बड़ी करीब 175 पनबिजली परियोजनाओं पर वाटर सेस से सरकार के खजाने में हर साल करीब 1000 करोड़ रुपये जमा होंगे। सरकार वाटर सेस लगाने के लिए पहले ही एक अध्यादेश ला चुकी है। अब विधानसभा के बजट सत्र में बिल लाकर इसका कानून बनाया जाएगा।

यूं वसूूलेंगे वाटर सेस                                                   (रुपये में)
1. 30 मीटर तक हेड की पनबिजली परियोजना              0.10 प्रति घन मीटर
2्. 30 से 60 मीटर तक हेड की पनबिजली परियोजना     0.25 प्रति घन मीटर
3. 60 से 90 मीटर तक हेड की पनबिजली परियोजना     0.35 प्रति घन मीटर
4. 90 मीटर से अधिक हेड की पनबिजली परियोजना      0.50 प्रति घन मीटर

एचआरटीसी की 15 साल पुरानी 400 बसें बेड़े से हटेंगी
हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की 15 साल पुरानी 400 बसें बेड़े से हटेंगी। इनके स्थान पर सरकार डीजल बसें लेगी या फिर इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जानी हैं। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा कि यह प्रस्ताव निगम की तरफ से सरकार के पास भेजा जाएगा। इस पर प्रदेश मंत्रिमंडल अंतिम फैसला लेगा। पुरानी बसें 31 मार्च से पहले बेड़े से हटाई जानी हैं।

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