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HP Budget 2022: 31 वर्ष बाद ली सुध, 25 और 50 रुपये महीने वाली छात्रवृत्ति योजनाएं बंद
Sat, 05 Mar 2022 11:56 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अनिमेष कौशल, अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अनिमेष कौशल, अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 05 Mar 2022 11:56 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश सरकार ने आखिरकार 31 वर्ष बाद छात्रवृत्ति के तौर पर विद्यार्थियों को दी जा रही 25 से 50 रुपये की नाममात्र राशि वाली योजनाओं को बंद कर दिया है। पुरानी योजनाओं को मर्ज कर मुख्यमंत्री विद्यार्थी कल्याण योजना नाम से प्रदेश सरकार ने नई योजना शुरू की है। स्कूलों में 1500 से 2000 रुपये सालाना तक अब नई योजना में छात्रवृत्ति दी जाएगी। कॉलेजों में 100 से 200 रुपये की छात्रवृत्ति योजना को पांच से छह हजार रुपये तक बढ़ा दिया है।
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अमर उजाला ने बजट की तैयारियों के दौरान बीते दिनों प्रमुखता से छात्रवृत्ति के नाम पर विद्यार्थियों को दी जा रही कम राशि का मामला उठाया था। इसके चलते शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में नई योजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा सदन में कहा कि आईआरडीपी छात्रवृत्ति योजना में वर्ष 1991 से कोई वृद्धि नहीं हुई है। इसके तहत अभी तक छात्रों का सालाना 300 रुपये और छात्राओं को 600 रुपये सालाना दिए जा रहे थे।
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अब नई योजना में राशि को छात्रों के लिए बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिवर्ष और छात्राओं के लिए प्रतिवर्ष दो हजार रुपये करने का फैसला लिया है। कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों के लिए इस राशि को 1200 रुपये सालाना से बढ़ाकर पांच हजार किया जा रहा है। छात्रावास में रह रहे छात्रों के लिए 2400 रुपये सालाना से बढ़ाकर 6 हजार रुपये सालाना किया जा रहा है। नई योजना में निर्धनता छात्रवृत्ति योजना को भी मर्ज किया गया है। इस योजना के तहत 11 हजार रुपये की सालाना आय वाले परिवारों को मात्र 40 रुपये सालाना दिए जाते थे।
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