CM Sukhu: आपदा के बाद आर्थिक संसाधन बढ़ाने पर फोकस, मुश्किल वक्त में एकजुटता हिमाचली संस्कृति का प्रतीक
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल में बढ़ती बादल फटने की घटनाओं पर अध्ययन होना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आपदा के दौरान बेहतर काम करने वाले विभागों और अधिकारियों को सम्मानित किया।
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भीषण आपदा का दृढ़ता से सामना करने के बाद अब राज्य सरकार प्रदेश को विकास की राह पर ले जाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। 75 हजार करोड़ के कर्ज के चलते राज्य सरकार अपने आर्थिक संसाधन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा कि हिमाचल में बढ़ती बादल फटने की घटनाओं पर अध्ययन होना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आपदा के दौरान बेहतर काम करने वाले विभागों और अधिकारियों को सम्मानित किया। सीएम ने स्कूल सेफ्टी मोबाइल एप का भी शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया बनेगी। आपदा के समय अधिकारी हर समय उपलब्ध हों, इसकी व्यवस्था की जाएगी। आपदा प्रबंधन के समय सेटेलाइट फोन बंद होने पर भी मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आपदा के समय एसडीआरएफ के पास लेंटर काटने की मशीन ही नहीं थी, जब एनडीआरएफ की टीम पहुंची, तब जाकर लेंटर काटा जा सका। जगत सिंह नेगी जेसीबी में बैठकर चंद्रताल पहुंचे और सैलानियों को रेस्क्यू किया।
आपदा के दौरान विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के बेहतर कार्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावितों की मदद में सभी ने अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया है। इस अवसर पर ‘भूकंप से भवनों की सुरक्षा, ग्रामीण हिमाचल में राज मिस्त्रियों का प्रशिक्षण’ नामक पुस्तक एवं मार्गदर्शिका का विमोचन भी किया गया। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल में आपदा का खतरा हमेशा ही बना रहता है।
आपदा से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने अभी तक प्रदेश को किसी तरह का विशेष राहत पैकेज नहीं दिया गया है। प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा ने समर्थ कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। विशेष सचिव डीसी राणा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र शर्मा, उप महापौर उमा कौशल, उपायुक्त आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
आपदा में बेहतर काम करने वाले सम्मानित
मुख्यमंत्री ने आपदा में बेहतरीन काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को सम्मानित किया। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राकेश अग्रवाल, राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के प्रबंध निदेशक हरिकेश मीणा, लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ अजय गुप्ता, जल शक्ति विभाग के इंजीनियर इन चीफ संजीव कौल को सम्मानित किया। इसके अलावा कमांडेंट 14वीं बटालियन एनडीआरएफ, उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी, उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग, पुलिस अधीक्षक मंडी सौम्या सांबशिवन, कुल्लू साक्षी वर्मा, पुलिस अधीक्षक एसडीआरएफ, निदेशक आईएमडी डॉ. सुरेंद्र पॉल, निदेशक अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग और एलाइड स्पोर्ट्स मनाली, एसडीएम पांवटा साहिब गुंजीत सिंह चीमा, एसडीएम इंदौरा तथा फतेहपुर, डिप्टी डायरेक्टर जनरल एचपीएलएसए बृज मोहन सेटिया, मुख्य महाप्रबंधक बीएसएनएल, महाप्रबंधक एयरटेल, मुख्य तकनीकी अधिकारी जियो, महाप्रबंधक वोडाफोन, एसएचओ सांगला अनिल शर्मा, विकास खंड अधिकारी बालीचौकी सुरेंद्र ठाकुर, तहसील0दार बालीचौकी नीतेश ठाकुर, कुल्लू हीरा चंद नालवा, शिमला शहरी एचएल घेजटा, पांवटा साहिब ऋषभ शर्मा, तहसीलदार सिंहुता सुरेंद्र कुमार, सांगला हरदयाल सिंह भावानगर चंद्र मोहन, अधिशासी अभियंता विद्युत बोर्ड थलौट जितेंद्र बिष्ट, कनिष्ठ अभियंता विद्युत बोर्ड चुवाड़ी अभिमन्यु, कनिष्ठ अभियंता एनएचएआई किन्नौर सतीश कुमार, कैजुअल वर्कर माउंटेनियरिंग सब सेंटर भरमौर कमलेश, चौकीदार पटवार सर्किल थरोच तहसील नेरवा गणेश चंद, कनिष्ठ अभियंता बीआरओ दीपक प्रोजेक्ट कुल्लू अपूर्व सचान, नायक ओईएम बीआरओ दीपक प्रोजेक्ट कुल्लू एम किरण, राधा स्वामी सत्संग ब्यास मंडी के क्षेत्रीय सचिव चेत राम कौंडल, रेडक्रॉस सोसाइटी मंडी के सचिव ओपी भाटिया तथा सहभागिता एनजीओ कुल्लू को आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
मौहल स्कूल को एक लाख का इनाम
इसके अतिरिक्त सर्वश्रेष्ठ आपदा प्रबंधन योजना पर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मौहल जिला कुल्लू को प्रथम पुरस्कार में एक लाख रुपये, शहीद श्री बालकृष्ण राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बाल) कुल्लू तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोठीपुरा जिला बिलासपुर को दूसरे पुरस्कार में 50-50 हजार रुपये, राजकीय उच्च पाठशाला सरोग जिला चंबा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बालिका) कुल्लू, राजकीय उच्च स्कूल परसदा हवाणी जिला मंडी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तुलाह जिला मंडी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बाल) मंडी को तृतीय पुरस्कार के रूप में 25-25 हजार रुपये दिए गए। शिमला शहर में आयोजित चित्रकला, नारा लेखन तथा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया।
नारा लेखन में राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर की सारिका शर्मा ने पहला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संजौली के रोहित कुमार ने दूसरा तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टूटू की ज्योत्सना ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। चित्रकला प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भौंट के मन्नत ठाकुर ने पहला, राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर की प्रेरणा ने दूसरा तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बालिका) लक्कड़ बाजार की ईशिता ने तीसरा पुरस्कार जीता। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बालिका) लक्कड़ बाजार ने पहला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टुटू ने दूसरा तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लालपानी ने तीसरा पुरस्कार जीता।