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विधानसभा: सुखराम चौधरी बोले- जरूरत पड़ी तो शानन प्रोजेक्ट लेने कोर्ट जाएगी सरकार
Fri, 13 Aug 2021 04:55 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 13 Aug 2021 04:55 PM IST
सार
सरकार ने शानन जल विद्युत परियोजना को अपने अधीन लेने के लिए काफी प्रयास किए हैं। ऊहल तृतीय चरण जल विद्युत परियोजना का 71 करोड़ रुपये से वर्ष 2023 तक मरम्मत कार्य पूरा होगा।
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ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने बताया है कि जरूरत पड़ी तो शानन प्रोजेक्ट लेने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार कोर्ट जाएगी। शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान विधायक प्रकाश राणा के सवाल का जवाब देते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पंजाब और हिमाचल के बीच वर्ष 1967 में हुए समझौते की समय सीमा मार्च 2024 में पूरी होगी। सरकार ने शानन जल विद्युत परियोजना को अपने अधीन लेने के लिए काफी प्रयास किए हैं। ऊहल तृतीय चरण जल विद्युत परियोजना का 71 करोड़ रुपये से वर्ष 2023 तक मरम्मत कार्य पूरा होगा। थाना प्लौंण जल विद्युत परियोजना का कार्य वर्ष 2022 में शुरू होने की संभावना है।
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ऊर्जा मंत्री ने बताया कि शानन जल विद्युत परियोजना के मामले को हिमाचल सरकार हर मंच पर उठाती आई है। यह क्षेत्र हिमाचल का भौगोलिक क्षेत्र है। तीन मार्च 1925 का समझौता, 1935 का पहला अनुपूरक समझौता व 1965 के दूसरे अनुपूरक समझौते के अनुसार प्रदेश सरकार को इस परियोजना से 500 किलोवाट मुफ्त बिजली व अधिकतम विद्युत उत्पादन पर वर्ष में एक बार साढ़े तीन रुपये प्रति किलोवाट की दर से रॉयल्टी मिलती है। 1975 के समझौते के अनुसार प्रदेश को वर्ष के 45 मिलियन यूनिट शानन एक्सटेंशन परियोजना की बिजली उत्पादन दर पर मिलना तय किया गया है।
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