किराया दिए बिना निजी भवनों में भी खोल सकेंगे नई पंचायतों के कार्यालय
हिमाचल प्रदेश में बनी 389 पंचायतों में किराया दिए बिना निजी भवनों में भी पंचायत कार्यालय खोले जा सकेंगे। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि इसके लिए विभाग मंजूरी देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि नई पंचायतों के कार्यालय बनने तक पुरानी पंचायत के कार्यालय का भी प्रयोग किया जा सकता है। इसके अलावा बंद हुए प्राइमरी स्कूलों में कार्यालय खोलने को शिक्षा विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने की प्रक्रिया भी जारी है। विधायक हीरालाल के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि अगर प्रदेश में कहीं पर भी महिला या युवक मंडल भवन खाली या बंद है तो वहां पर भी सरकार नई पंचायतों के कार्यालय को चलाने पर विचार कर रही है। वर्ष 2020 में पंचायत चुनाव से पहले 412 नई पंचायतों का गठन किया था।
इनमें से 23 ग्राम पंचायतें ऐसी थीं, जो नगर निगम व नगर पंचायतों में गईं। अब 389 पंचायतें नई बनी हैं। इन पंचायतों के लिए कार्यालय की सुविधा देने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि नई पंचायत के भवन की व्यवस्था होने तक पुरानी पंचायत में कार्यालय चलेगा। पंचायत भवनों के निर्माण के लिए जमीन देखी जा रही है। इनमें हाल भी बनेगा और अन्य सुविधाएं भी सृजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि विभाग में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। कर्नल इंद्र सिंह के सवाल पर मंत्री ने कहा कि यदि किसी भवन में बिना किराया देकर पंचायत कार्यालय खोलना हो तो, विभाग इसकी भी मंजूरी देगा। किसी पंचायत कार्यालय में कुर्सी-टेबल भी नहीं हैं तो वहां विधायक भी अपनी निधि से पैसा दे सकते हैं।