Himachal Assembly: 163 अधिकारी दो साल से एक ही स्थान पर कार्यरत, सीएम ने विधानसभा में दी जानकारी
भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 14 आईएएस, 85 एचएएस और 17-17 आईपीएस व आईएफएस एक ही स्थान पर दो वर्षों से ज्यादा समय से कार्यरत हैं।
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में 163 अधिकारी दो साल से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं। भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 14 आईएएस, 85 एचएएस और 17-17 आईपीएस व आईएफएस एक ही स्थान पर दो वर्षों से ज्यादा समय से कार्यरत हैं।
तीन साल में मंत्रिमंडल को हुआ 11.62 लाख रुपये के मेडिकल बिलों का भुगतान
मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों को गत तीन वर्षों में मेडिकल बिलों का 11.62 लाख रुपये की राशि का भुगतान किया गया। विधायक सुधीर शर्मा के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2022-23 में 3.94 लाख, 2023-24 में 4.3 लाख और 2024-25 में 3.54 लाख रुपये के बिलों का भुगतान किया गया।
धर्मशाला में हाईकोर्ट का बैंच स्थापित करने का विचार नहीं
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि जिला कांगड़ा के धर्मशाला में उच्च न्यायालय का बैंच स्थापित करने का विचार नहीं है। विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश प्रशासनिक अधिकरण स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। औपचारिकताएं पूरी होने और भारत सरकार द्वारा इसकी स्थापना करने के बाद ही इसे आरंभ किया जाएगा।
कूड़े का निस्तारण आधुनिक मशीनों से होगा: विक्रमादित्य
शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि चंबा शहर में कूड़े के निस्तारण के लिए नए स्थान का चयन किया जाएगा। यहां आधुनिक मशीनों का प्रयोग भी किया जाएगा। यहां पहले से जो स्थान है वहां पर दो बार आग लग गई थी। प्रदूषण भी फैल रहा है। क्षेत्र में कोई डंपिंग स्थल नहीं है। विधायक नीरज नैय्यर के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि नगर परिषद चंबा कूड़ा निष्पादन संयंत्र स्थापित करने के उद्देश्य से नई डंपिंग साइट चिन्हित करने लिए लगातार प्रयासरत है। अभी तक नगर परिषद को कोई उपयुक्त स्थान उपलब्ध नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि नया स्थान तलाश करने में विधायक भी सहयोग करें।
कार्यवाही 73 घंटे चली, सरकार ने 572 तारांकित प्रश्नों के दिए उत्तर
शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई। सदन की कार्यवाही 73 घंटे तक चली। सरकार ने 572 तारांकित और 196 अतारांकित प्रश्नों के उत्तर दिए। पठानिया ने कहा कि सत्र में नियम 61 में 2, नियम 62 में 10, नियम 101 में 7, नियम 130 के तहत 14, नियम 324 और नियम 344 के तहत एक-एक विषय पर चर्चा की गई। यह सत्र 10 मार्च से हुआ और 28 मार्च तक चला है।
मैं आज समझकर करता हूं काम
सीएम ने कहा कि सत्र के दौरान संगठित अपराध और नशे से निपटने के लिए महत्वपूर्ण बिल लाए गए। सदन में विपक्ष ने भी सकारात्मक भूमिका निभाई और ज्यादा वाकआउट नहीं किए। उन्होंने कहा कि सत्ता आती और जाती रहती है। जो आज समझकर काम करता हूं। कल के बारे में नहीं सोचता।
सत्ता आती-जाती रहती है प्रदेश सर्वोपरि : नेता प्रतिपक्ष
जयराम ठाकुर ने कहा कि बजट सत्र अन्य बजट सत्र की तुलना में छोटा था। उन्होंने कहा कि सत्ता शुरूआती जाती रहती है। प्रदेश सर्वोपरि है।