आज पेश होगा बजट: युवाओं को नौकरियां, कर्मचारियों को मिल सकते हैं ये तोहफे
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शुक्रवार को हिमाचल का वित्त वर्ष 2017-18 का बजट पेश करेंगे। चुनावी साल के बजट में प्रदेश सरकार रोजगार की गारंटी के लिए नई योजना ला सकती है। इसके अलावा कर्मचारियों पर भी तोहफों की बरसात हो सकती है।
अनुबंध कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए अनुबंध की अवधि को पांच साल से कम किया जा सकता है। नौकरियों का पिटारा भी खुलने की उम्मीद है। इस कार्यकाल के आखिरी बजट में मुख्यमंत्री दिहाड़ी और सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाने के साथ पेंशनरों, किसानों-बागवानों और युवाओं के लिए भी कोई सौगात दे सकते हैं।
विधानसभा में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शुक्रवार को सुबह 11 बजे बजट पेश करेंगे। हिमाचल में इसी वर्ष विधानसभा चुनाव हैं। इसके चलते इस बार बजट पर सूबे के हर वर्ग की निगाहें टकी हैं। चुनावों में कर्मचारियों की यहां अहम भूमिका रही है।
सरकार खोलेगी नौकरियों का पिटारा, बड़ी योजना की तैयारी
ऐसे में बजट में सरकारी कर्मचारियों के लिए कोई बड़ा एलान हो सकता है। आउट सोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए बजट भाषण में पॉलिसी के एलान की पूरी उम्मीद है। कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले पांच लाख लोगों को रोजगार देने का वायदा चुनाव घोषणा पत्र में किया था।
ऐसे में इस कार्यकाल के आखिरी बजट में बड़ी संख्या में सरकारी भर्ती का एलान सरकार कर सकती है। प्रदेश में हर घर को नौकरी देने के लिए कोई फार्मूला ला सकती है। इसके अतिरिक्त आम लोगों के लिए कोई नई योजना भी सीएम ला सकते हैं।
सरकार पर करीब 40 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। ऐसे में वीरभद्र सरकार पर चुनावी वर्ष के इस बजट को सीमित संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए तमाम वर्गों को खुश करने की बड़ी चुनौती होगी।
बजट से पेंशनर्स को पेंशन में वृद्धि की उम्मीद
शुक्रवार को विधानसभा में पेश हो रहे राज्य सरकार के बजट से पेंशनर्स को खासी उम्मीदें हैं। 5, 10, 15 प्रतिशत की अतिरिक्त पेंशन देने के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के वायदे के इसी बजट में एलान होने की उम्मीद की जा रही है।
पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी हरिचंद गुप्ता ने कहा कि पेंशनर्स के साथ हुई जेसीसी में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने खुद पेंशनर्स को अतिरिक्त पेंशन देने का वायदा किया था। ऐसे में उम्मीद है कि वह इसी बजट में पेंशनर्स के लिए बजट का प्रावधान करेंगे।
वहीं, पेंशनर्स कल्याण संघ के पदाधिकारी टीडी ठाकुर ने बजट में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को प्रदेश में लागू करने और करुणा मूलक आधार पर नौकरी देने की आय सीमा को डेढ़ लाख से तीन लाख किए जाने की उम्मीद की। इसके अलावा पेंशनर्स और वरिष्ठ नागरिकों को एचआरटीसी बसों में मुफ्त यात्रा का भी एलान होने की उम्मीद जताई।
हिमाचल में भरे जाएंगे 491 रेडियोग्राफर के पद
स्वास्थ्य विभाग में 491 रेडियोग्राफर के पद भरे जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने कहा कि हिमाचल में रेडियोग्राफर के काफी पद रिक्त हैं। इन पदों को भरने का मामला मंत्रिमंडल की बैठक में ले जाया जाएगा। कौल सिंह नाचन के भाजपा विधायक विनोद कुमार की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में बोल रहे थे। भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्रों में डॉक्टर और रेडियोग्राफर के रिक्त पदों को नहीं भरा जा रहा है।
नाचन विधानसभा का भाजपा विधायक होने के नाते सरकार भेदभाव कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 से लेकर अब तक सरकार की ओर से आश्वासन ही दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में रेडियोग्राफर न होने से मरीजों को मंडी या सुंदर नगर एक्सरे या अल्ट्रासाउंड कराने जाना पड़ रहा है। कौल सिंह ने भाजपा विधायक को आश्वस्त किया कि 10 दिन के भीतर रेडियोग्राफर की तैनाती होगी।
कौल बोले - तीन बार जा चुका हूं मेंटल अस्पताल, ठहाकों से गूंज उठा सदन
विधानसभा सदन में उस समय खूब ठहाके लगे, जब स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने कहा कि वह तीन बार मेंटल अस्पताल बालूगंज जा चुके हैं। दरअसल, भाजपा विधायक महेश्वर सिंह ने प्रश्न पूछा कि हिमाचल में मनोरोगी चिकित्सकों की कमी चल रही है। मेंटल अस्पताल बालूगंज में मरीजों को 15 दिन रखा जाता है, उसके बाद वह ठीक हो या नहीं घर भेजा जाता है। जवाब में कौल सिंह ने कहा कि यह आरोप निराधार है।
मैं तीन बार मेंटल अस्पताल गया हूं। अस्पताल में मरीजों से बात की है। ठीक होने के बाद ही मरीज घर भेजे जाते हैं। उन्होंने महेश्वर सिंह को कहा कि वह भी मेंटल अस्पताल जाएं। बाद में बोले, दाखिल होने नहीं, स्थिति का जायजा लेने। कौल सिंह ने कहा कि हिमाचल के सभी जिलों के अस्पतालों में एक-एक मनोरोगी चिकित्सक की तैनाती की जाएगी। 5 डॉक्टरों की तैनाती हो चुकी है। अन्य पद जल्द ही भरे जाएंगे।
मेंटल अस्पताल में डॉक्टरों के पदों को भरा गया है। सरकार हर मंगलवार को वाक इन इंटरव्यू कर रही है। जैसे-जैसे डॉक्टर मिलेंगे, इनकी तैनाती होती रहेगी। उन्होंने कहा कि नाहन क्षेत्र के पदोधार लैप्रोसी अस्पताल में तीन बार जाकर निरीक्षण किया है। बिंदल ने आज तक इस अस्पताल का दौरा तक नहीं किया।
हमीरपुर के लिए नहीं होगी कोई घोषणा
हमीरपुर जिले के भोरंज विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव की घोषणा के साथ ही नए बजट में यह क्षेत्र किसी भी खास घोषणा से वंचित रह सकता है। वीरवार को चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद इस क्षेत्र में आचार संहिता लग गई है।
अपने कार्यकाल का 20वां बजट पेश करेंगे वीरभद्र
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के पास वित्त विभाग का प्रभार भी है। वे सीएम रहते हुए वित्त मंत्री की भूमिका में अपने कार्यकाल का 20वां बजट पेश करने जा रहे हैं।
कम छात्रों की संख्या वाले प्राइमरी स्कूल होंगे बंद
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि प्रदेश में कम छात्रों की संख्या वाले सरकारी प्राइमरी स्कूलों को बंद कर साथ लगते स्कूलों में मर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में नर्सरी क्लास शुरू करने पर सरकार विचार कर रही है। वीरवार को विधानसभा में भाजपा विधायक कर्नल इंद्र सिंह द्वारा सरकारी स्कूलों में सभी सुविधाएं होने के बावजूद विद्यार्थियों की घटती संख्या पर रोक लगाने को ठोस नीति बनाने के लिए प्रस्तुत संकल्प प्रस्ताव पर जवाब देते हुए कहा कि सरकारी क्षेत्र में सब कुछ गलत हो रहा है, ऐसा कहना ठीक नहीं है। विपक्ष द्वारा गलत प्रचार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकारी स्कूलों की संख्या काफी अधिक है। अब स्कूलों की रिगुप्रिंग करने की जरूरत है। शिक्षा विभाग को स्कूलों को मर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले प्रदेश में अधिक स्कूल खोलने की जरूरत थी। अब दूसरे चरण में स्कूलों को मजबूत किया जाएगा। सड़क और परिवहन सुविधा का प्रदेश में व्यापक विस्तार हो चुका है। ऐसे में अब स्कूलों को मर्ज कर शिक्षा की गुणवत्ता पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्कूल मर्ज होने से जहां बच्चों की संख्या एक स्कूल में बढ़ेगी, वहीं शिक्षकों की कमी भी दूर होगी।
इस साल शिक्षक भर्ती पर जोर देगी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल शिक्षकों की भर्ती पर सरकार जोर देगी। रिक्त पद भरने के साथ-साथ सेवानिवृत्ति के चलते रिक्त होने वाले पदों को भी ध्यान में रखकर पद भरे जाएंगे। आयोग और बैचवाइज शिक्षकों के पद भरे जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाना आज स्टेटस सिंबल बन गया है। कई निजी स्कूलों में सिर्फ पैसा कमाने का धंधा बन गया है। उन्होंने कहा कि जो भी कमियां हैं, उन्हें दूर करने के लिए सरकार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद विधायक कर्नल इंद्र सिंह ने अपने संकल्प प्रस्ताव को वापस ले लिया।
हिमाचल की प्रतिव्यक्ति आय बढ़ी, विकास दर घटी
हिमाचल में पिछले एक साल में प्रतिव्यक्ति आय में करीब साढ़े 11 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन राज्य की विकास दर 1.3 फीसदी घट गई है। बीते डेढ़ दशक में प्रदेश की जीडीपी में कृषि का योगदान भी घटकर आधा रह गया है। इस दौरान कृषि की हिस्सेदारी में 10.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। एक साल में 11,656 रुपये की बढ़ोतरी के साथ वर्ष 2016-17 में प्रति व्यक्ति आय 1,47,277 रुपये आंकी गई है।
ग्रोथ रेट 8.1 से घटकर 6.8 प्रतिशत पर पहुंच गई है। विधानसभा में वीरवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से पेश किए गए 2016-17 के आर्थिक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है। सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में हिमाचल में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 6.8 आंकी गई है। इसमें पिछले वर्ष की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले वर्ष यह वृद्धि दर 8.1 प्रतिशत थी।
हिमाचल में वर्ष 2016-17 में प्रतिव्यक्ति आय 147277 रुपये आंकी गई है। वर्ष 2015-16 में 1,35,621 रुपये थी। इसमें 8.6 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2015-16 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 1,13,667 करोड़ रुपये था। चालू वित्तीय वर्ष 2016-17 में जीडीपी 1,24,570 करोड़ रुपये रहने की संभावना है। 12वीं पंचवर्षीय योजना 2012-17 में प्रदेश की विकास दर 7.2 प्रतिशत रहेगी।
जीडीपी में कृषि का योगदान घटा, निर्माण में बढ़ा
हिमाचल प्रदेश में जीडीपी में कृषि क्षेत्र का योगदान घटकर महज दस फीसदी रह गया है। कृषि की प्रमुखता वाले प्राइमरी सेक्टर का योगदान जहां 2000-01 में 25.1 प्रतिशत था, अब ये घट कर 2015-16 में 14.9 प्रतिशत रह गया है।
इनमें कृषि और पशुपालन क्षेत्र से 9,446, वन से 3,741, मत्स्य से 81 और खनन व उत्खनन क्षेत्र से 262 करोड़ की आय हो रही है। गौण क्षेत्र जैसे विनिर्माण, निर्माण, विद्युत गैस और जलापूर्ति का जीडीपी में हिस्सा वर्ष 1990-91 में 26.5 प्रतिशत से बढ़कर 2015-16 में 41.1 प्रतिशत हो गया है। ये प्रदेश में औद्योगिकीकरण और आधुनिकीकरण की ओर रुझान दिखाता है।
बेरोजगारी भत्ते पर फिर बोले बाली - जारी होना चाहिए भत्ता
परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि बेरोजगारी भत्ता कांग्रेस पार्टी के चुनाव घोषणापत्र का हिस्सा है। यह लोगों को मिलना चाहिए। विभागों और निगमों की ओर से आय बढ़ाए जाने से सरकार पर इसका वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। बाली ने कहा कि बेसिक केलकुलेशन के आधार पर इसे आंका गया है। गरीब परिवार के बेरोजगारों को भत्ता दिए जाने से सालाना 150 से 200 करोड़ रुपये की जरूरत होगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में हम किस तरह से इसके लिए संसाधन या आर्थिक रकम जुटा पाएं, इसके लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मामला डिस्कस कर सुझाव दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रमुख विभागों वाली नीलामियों से पैसा एकत्र करने पर फोकस करना होगा।
अगर विभाग की ओर से सहीं दिशा में कार्य होता है तो सरकार को सालाना 1000 करोड़ का रेवन्यू आएगा। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी भत्ते के लिए बजट का इंतजार हमें करना होगा। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस पर गौर करते हुए पार्टी की ओर से युवाओं से किये गए इस वायदे को जरूर पूरा करेंगे।
धर्मशाला स्मार्ट सिटी को मिलेंगे 2156 करोड़
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि धर्मशाला स्मार्ट सिटी के लिए केंद्र सरकार 2156 करोड़ की राशि देगा। यह राशि पांच साल में दी जाएगी। स्मार्ट सिटी के लिए 185 करोड़ की पहली किस्त जारी हो चुकी है। शिमला और कुल्लू शहर को अमृत मिशन में शामिल किया है। दोनों शहरों के लिए केंद्र ने 31 करोड़ मंजूर किए हैं। सुधीर शर्मा भाजपा विधायक राजीव बिंदल के प्रश्न का जवाब दे रहे थे।
बिंदल ने प्रश्न किया कि क्या सरकार नाहन शहर को भी अमृत मिशन में शामिल करने पर विचार रखती है। इस पर शहरी विकास एवं आवास मंत्री बोले - धर्मशाला, कांगड़ा, पालमपुर, नगरोटा, ज्वालामुखी, देहरा, मंडी, सुंदरनगर, नेरचौक, रिवालसर, मनाली, भुंतर और सोलन के नाम हैं।
बिंदल ने कहा कि धर्मशाला को जब स्मार्ट सिटी में शामिल किया गया तो इस शहर को फिर से अमृत योजना में शामिल करने की क्या जरूरत पड़ी? इसमें यूडी मंत्री ने कहा कि धर्मशाला का स्मार्ट सिटी में बाद में चयन हुआ। इससे पहले शहर को अमृत योजना में शामिल किया गया था।
छोटे उद्योगों को मध्यप्रदेश-राजस्थान की तर्ज पर अलग पॉलिसी की आस
विशेष पैकेज पूरा होने के बाद प्रदेश के उद्योग जगत को सरकार के बजट ढेरों उम्मीदें हैं। बीबीएन के उद्यमियों को आशा है कि उद्योगों के लिए कोई विशेष पॉलिसी जरूर बनेगी। लघु उद्योगों को मध्यप्रदेश और राजस्थान की तर्ज पर अलग पॉलिसी की घोषणा की आस है। लघु उद्योग भारती बद्दी इकाई के अध्यक्ष एनपी कौशिक ने कहा कि गैस, ईंधन और डीजल के दामों बढ़ोतरी से हजारों कारोबारी प्रभावित हुए हैं। इसकी भरपाई को बजट में प्रावधान होना चाहिए।
बैंक ब्याज में अनुदान मिलना चाहिए। लयूब बरोटीवाला इकाई अध्यक्ष संजीव शर्मा कहते हैं कि बीबीएन में उद्योगों के दृष्टिगत रेललाइन तथा हवाई पट्टी के लिए बजट में प्रावधान किया जाए। हिमाचल दवा मेन्युफेक्चरिंग एसोसिएशन के राज्य महामंत्री राहुल बंसल ने कहा, जीएसटी लागू होने वाला है। इससे कारोबारी प्रभावित होंगे। अभी प्रदेश में कई करों से राहत थी। साउथ तक के कारोबारी डिमांड लेकर आते थे। अब बाहरी जगहों से व्यापारी कम आएंगे।
इसकी भरपाई को बजट में कुछ न कुछ अवश्य होना चाहिए। बीबीएनआईए के प्रधान शैलेष अग्रवाल ने बिजली सस्ती दरों पर भी देने का आग्रह किया। गत्ता उद्योग संघ के प्रधान हेमराज चौधरी, महामंत्री अशोक राणा ने कहा कि इसके अलावा इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे सड़कें, बिजली पानी आदि की समुचित व्यवस्था हो, इसके लिए बजट में प्रावधान होना चाहिए।
सीआईआई के अध्यक्ष संजय खुराना ने हवाई पट्टी के विस्तार से के साथ रोड कनेक्टिविटी की जरूरत पर बल दिया। टैक्स सलाहकार अनिल शारदा एडवोकेट ने कहा कि हिमाचल को टूरिज्म स्टेट बनाकर इसकी ब्रांडिग की योजना बने तो युवाओं को घर-द्वार रोजगार मिलेगा।