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बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग ने की तैयारी
Thu, 07 Nov 2019 11:41 AM IST
अरविन्द ठाकुर
पंकज चौहान, अमर उजाला, शिमला
पंकज चौहान, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 07 Nov 2019 11:41 AM IST
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बांस
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प्रदेश में कम होती बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। कृषि विभाग किसानों को बांस के पौधे मुफ्त में देगा। विभाग इस पर 20.34 करोड़ खर्च करेगा। विभाग बांस की नर्सरी से लेकर स्वरोजगार के लिए भी मदद करेगा। उन कारीगरों को भी रोजगार मिलेगा, जो बांस के पौधाें से किलटे, टोकरियां और अन्य साजो समान बनाते हैं।
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बांस की पत्तियों का पशुओं के चारे के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा। पत्तियों से खाद तैयार की जाएगी। जिन किसानों के पास जमीन नहीं है। उन्हें खाली जमीन मुहैया करवाई जाएगी। बांस के पौधों को उगाने और रखरखाव का जिम्मा किसानों के समूह का होगा। किसानों को इसे काटने के लिए भी वन विभाग की अनुमति नहीं लेनी पड़ेगी।
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ब्लॉक के हर गांव में बनाया जाएगा किसानों का समूह
बांस की खेती करने के लिए विभाग की ओर से ब्लॉक के हर गांव के करीब 25 से 30 किसानों का समूह बनाया जाएगा। इसके साथ विभाग की ओर से किसानों को जल्दी बढ़ने वाले बांस के पौधे दिए जाएंगे।
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नर्सरी से व्यवसाय चलाने तक मिलेगी मदद
बांस की नर्सरी लगाने से व्यवसाय चलाने तक कृषि विभाग किसानों को सहायता देगा। योजना में किसानों को बांस खेती और बांस का इस्तेमाल करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। किसानों को नर्सरी और बांस की वस्तुओं को बनाना भी सिखाया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी मोहेंद्र सिंह भवानी ने कहा कि विभाग जल्द ही ब्लॉकों का दौरा करेगा। जमीन का चयन कर किसानों का समूह बनाया जाएगा।