फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   High Court upholds 10year sentence for possession of charas

Shimla News: चरस रखने के दोषी को सुनाई 10 साल की सजा हाईकोर्ट से बरकरार

Fri, 25 Aug 2023 06:40 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 25 Aug 2023 06:40 PM IST
सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने अवैध रूप से चरस रखने के दोषी को सुनाई गई 10 साल की कारावास की सजा को सही ठहराया है। अदालत ने चंबा निवासी नारायण सिंह की अपील को खारिज कर दिया है। 

विज्ञापन
High Court upholds 10year sentence for possession of charas
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अवैध रूप से चरस रखने के दोषी को सुनाई गई 10 साल की कारावास की सजा को सही ठहराया है। अदालत ने चंबा निवासी नारायण सिंह की अपील को खारिज कर दिया है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने विचारण अदालत के निर्णय पर अपनी मुहर लगा दी है। दोषी ने विशेष न्यायाधीश चंबा के निर्णय को हाईकोर्ट के समक्ष अपील के माध्यम से चुनौती दी थी। विचारण अदालत ने उसे 10 साल की कठोर कारावास और एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। 10 फरवरी 2016 को पुलिस ने दोषी से 3.5 किलोग्राम चरस बरामद की थी।

विज्ञापन


पुलिस ने दोषी के खिलाफ मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम की धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया था। दोषी के खिलाफ अभियोग साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष ने 16 गवाहों के बयान दर्ज करवाए थे। हाईकोर्ट ने पाया कि विचारण अदालत ने बयानों को सही सराहा है। अदालत ने पाया कि दोषी से पकड़ी गई पूरी की पूरी चरस की खेप प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजी गई थी। अदालत ने दोषी की अपील को खारिज करते हुए अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष दोषी के खिलाफ अभियोग साबित करने में सफल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed