Himachal Cloudburst: मंडी में फटा बादल, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत, 100 से ज्यादा वाहन दबे; जानें
हिमाचल प्रदेश के मंडी इलाके में आज सुबह भूस्खलन की वजह से त्रासदी आ गई। भूस्खलन की चपेट में कई मकान, सड़कें और दर्जनों वाहन आ गए हैं। मंडी से जोगिंद्रनगर जाने वाली सड़क को बंद कर दिया गया है।
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में फिर बादल फटने से भारी तबाही हुई है। मंडी शहर में सोमवार देर रात लगभग 3 बजे बादल फटने से करीब ढाई किलोमीटर क्षेत्र में कहर बरपा है। बादल फटने से आई बाढ़ में फंसे ऑटो को निकालने के चक्कर में मां-बेटे और देवर ने जान गंवा दी। घरों के भीतर मलबे में फंसे 32 से ज्यादा लोगों को खिड़की और दरवाजे तोड़कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रशासन ने बताया कि मंडी के जेल रोड से करीब 400 मीटर ऊपर गंधर्व जंगल में बादल फटने से तबाही मची है।
#WATCH | Himachal Pradesh | Flood-like situation in various parts of Mandi following heavy rainfall in the city. pic.twitter.com/IGnc9qGQ0n
— ANI (@ANI) July 29, 2025विज्ञापन
जेल रोड, जोनल अस्पताल से सटी दौला कॉलोनी, सैण मोहल्ले और तुंगल कॉलोनी में 100 से ज्यादा बाइक, स्कूटी, ऑटो और कारों समेत अन्य बड़े वाहन मलबे में दब गए। 50 से ज्यादा घरों व दुकानों में मलबा, लकड़ियां और बड़े-बड़े पत्थर घुस गए। कई लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों या रिश्तेदारों के पास चले गए हैं। प्रशासन ने 22 पीड़ितों को पड्डल स्थित गुरुद्वारा में ठहराया है। मंडी के जेल रोड पर बाढ़ में फंसे ऑटो को सुरक्षित जगह पर ले जाते हुए पूर्व पार्षद कृष्णा देवी के परिवार के तीन लोगों की बाढ़ के पानी में बह जाने से मौत हो गई।
#WATCH | Mandi, Himachal Pradesh | Municipal Commissioner Mandi, Rohit Rathour says, "Due to heavy rainfall, debris from the upper regions have settled in the lower regions. This might be a result of a cloud burst. All the officials are currently engaged in relief work...We… pic.twitter.com/06xwXGybUT
— ANI (@ANI) July 29, 2025
मृतकों में सपना कुमारी (47), उनका बेटा अमनप्रीत (25) और देवर बलवीर सिंह (45) शामिल हैं। महिला का शव घर के पास कारों के नीचे दबा हुआ था। इसे रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत कर बरामद किया। अमनप्रीत और बलवीर का शव घटना स्थल से 50 मीटर की दूरी पर बरामद हुआ। सपना के पति दर्शन सिंह भी साथ थे, लेकिन वह बाल-बाच बच गए।
तुंगल काॅलोनी में एक घर में पानी घुसने से महिला समेत तीन लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। कल्याण धाम आश्रम के साथ लगते नाले ने भी खूब तबाही मचाई। गली में पानी डायवर्ट होने से पिकअप जीप समेत 30 बाइक और स्कूटी मंडी-रिवालसर सड़क पर मलबे में दब गए। जोनल अस्पताल के पास और पैलेस काॅलोनी-2 के सैण मोहल्ले में जीरो प्वाइंट नाले ने भी कहर मचाया। यहां भी पानी और मलबा कई घरों में घुस गया। कई कारें मलबे में दब गईं। बाढ़ में बही कारें मकानों की छतों पर जा पहुंचीं। करीब 500 से ज्यादा कारें सैण मोहल्ले में रास्ते बंद होने से पार्किंग में ही फंस गईं। सुबह करीब 8:00 बजे उपायुक्त अपूर्व देवगन ने नुकसान का जायजा लिया। मौके पर एनडीआएफ, एसडीआरएफ, पुलिस समेत अन्य दलों ने रेस्क्यू अभियान चलाया। करीब 10 बजे मंडी-रिवालसर सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन की टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
भारी बारिश के कारण बंद हुए दोनों प्रमुख नेशनल हाईवे
चंडीगढ़-मनाली और पठानकोट-मंडी नेशनल हाईवे बीती रात से बाधित हैं। चंडीगढ़-मनाली एनएच पर 4 मील, 9 मील, दवाड़ा, झलोगी और अन्य स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। इसी तरह से पठानकोट-मंडी पर भी पधर से लेकर मंडी तक अनेकों स्थानों पर भूस्खलन हुआ है। जिला में अभी भी बारिश का दौर जारी है। राहत कार्यों में दिक्कतें पेश आ रही हैं। मंडी शहर के विक्टोरिया पुल के पास भी भूस्खलन हुआ है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मंडी शहर में बादल फटने के कारण तीन लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया है और प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। वहीं, पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री स्वयं स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं और सभी आवश्यक सहायता तुरंत उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने राहत कार्यों में जुटे स्थानीय लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इस कठिन समय में प्रभावित लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और सतर्क रहें।
बारिश से बद्दी में सड़कों पर भरा पानी, गड्ढे में फंसी कार
पिंजौर-नालागढ़ फोरलेन के निर्माण कार्य में देरी का खामियाजा लोग भुगत रहे हैं। यहां पर बारिश के दौरान मंगलवार को सड़कें पानी से भर गईं। इसमें एक दंपति की कार भी गड्ढे में धंस गई। हालांकि उनकी मदद के लिए कोई नहीं आया। खुद दंपत्ति मुश्किल से कार से बाहर निकली। लोगों का कहना है कि गर्मियों में सड़क की हालत नहीं सुधारी गई। इसका खामियाजा अब वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है। यहां पर जगह-जगह पड़े गड्ढों से लोगों को निकलना मुश्किल हो रहा है।
ऊना में भारी बारिश, कई निचले इलाकों में जलभराव, खेत-खलिहान बने तालाब
जिला ऊना में सोमवार रात से बारिश का सिलसिला मंगलवार सुबह तक लगातार जारी रहा। रातभर हुई तेज बारिश के कारण सड़कों से लेकर खेत-खलिहान तक पानी से लबालब हो गए। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। बारिश का यह दौर मंगलवार सुबह तक जारी रहा, जिससे लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खेतों में अधिक पानी भर जाने से किसानों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं
बारसड़ा गांव की उफनती खड्ड में फंसी गाय, ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बचाया
ऊना के अंतर्गत आने वाले बारसड़ा गांव में एक गाय खड्ड के तेज बहाव में फंस गई। खड्ड उफान पर होने के चलते गाय बीच में फंस गई और बाहर निकलने में असमर्थ हो गई। स्थानीय लोगों ने जैसे ही गाय को फंसा हुआ देखा, तुरंत बचाव अभियान चलाया। कई घंटों की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने मिलकर गाय को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद ग्रामीणों ने घायल गाय की प्राथमिक चिकित्सा भी की और पशु विभाग को सूचना दी गई है।
कई भागों में भारी बारिश का अलर्ट
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से आज राज्य के कई भागों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले तीन घंटों में बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, लाहाैल-स्पीति, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन, ऊना जिलों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा, कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। राज्य के कई भागों में 30 जुलाई से 4 अगस्त तक भारी बारिश का येलो अलर्ट है।।