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स्मृतिशेष: जीएस बाली ने देश में पहली बार हिमाचल में दौड़ाई इलेक्ट्रिक बसें

Sun, 31 Oct 2021 01:43 AM IST
Krishan Singh विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sun, 31 Oct 2021 01:43 AM IST
सार

इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने का निर्णय प्रदेश में प्रदूषण कम करने की दिशा में अहम माना गया। दिवंगत जीएस बाली ने इलेक्ट्रिक बसों का रोहतांग में भी सफल ट्रायल कराया। बाली ने ही पहली बार सभी बसों में अपना मोबाइल नंबर लिखवाया था।

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GS Bali runs electric buses in Himachal for the first time in the country
पूर्व मंत्री जीएस बाली(फाइल) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्व मंत्री जीएस बाली के बड़े फैसले लोगों को हमेशा याद रहेंगे। वीरभद्र सरकार में मंत्री रहे जीएस बाली ने देश में पहली बार हिमाचल की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बस दौड़ाई। पिछले दिनों हिमाचल  दौरे पर आए केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी बेहतरीन काम के लिए जीएस बाली को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सामने याद किया था। इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने का निर्णय प्रदेश में प्रदूषण कम करने की दिशा में अहम माना गया। दिवंगत जीएस बाली ने इलेक्ट्रिक बसों का रोहतांग में भी सफल ट्रायल कराया। बाली ने ही पहली बार सभी बसों में अपना मोबाइल नंबर लिखवाया था। इस नंबर पर यात्री रात 12 बजे भी शिकायत करते थे तो तुरंत कार्रवाई होती थी। कई बार बसों और राशन डिपुओं उन्होंने औचक छापे भी मारे। पूर्व मंत्री ने प्रदेश के जिला मुख्यालयों को राजधानी शिमला से जोड़ने लिए एचआरटीसी की सुपर फास्ट बसें शुरू की थीं, जिससे आम जनता सुबह शिमला पहुंचकर दफ्तरों के काम करा सके और शाम को उसी बस से लौट सकें। 

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महिलाओं को किराये में छूट, रियायती पास की योजना शुरू की
परिवहन निगम की बसों में बाली ने ही महिलाओं को किराये में छूट और रियायती बस पास जारी करने की योजना शुरू की। प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों को जोड़ने के लिए विशेष बस सेवाएं शुरू कीं। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में नए बस अड्डों का निर्माण कराया। यात्रियों के लिए सस्ती थाली जैसे योजनाएं बाली की ही देन रहीं। उन्होंने प्रदेश में कांग्रेस मैनिफेस्टो की घोषणा बेरोजगारी भत्ते को समय पर शुरू नहीं करने के मामले में अपनी ही सरकार को घेरा। इसके बाद युवाओं को बेरोजगारी भत्ता दिलवाया। बिलासपुर हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज लाने का श्रेय बाली को जाता है। उनके तकनीकी शिक्षा मंत्री रहते ही दिल्ली में एमओयू हुआ था। पर्यटन ही नहीं, तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में भी कई अहम फैसले लिए।  
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प्रदेश की अफसरशाही पर नकेल कसने का हुनर जानते थे बाली  
जीएस बाली प्रदेश की अफसरशाही पर नकेल कसने का हुनर जानते थे। पर्यटन मंत्री रहते विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव से टकराव हो गया था। इसके बाद बाली ने उक्त अधिकारी को अपने विभाग से हटाने की ठान ली। तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से दोटूक  कहा था कि अधिकारी को हटाओ या फिर उनका विभाग वापस ले लिया जाए। इसके बाद बाली शिमला से चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए। बाली को सरकार की तरफ से तत्काल सूचित किया गया कि इन अधिकारी से पर्यटन विभाग वापस ले लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह कई बार बाली की कार्यप्रणाली की तारीफ खुलकर करते थे। वे कहते थे कि बाली को कोई भी एसाइनमेंट दी जाती है तो उसे पूरा करके ही दम लेते हैं। 

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