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भूटान से सेब के आयात पर सख्ती, हिमाचल को मिलेगा लाभ
Wed, 09 Dec 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 09 Dec 2020 05:00 AM IST
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सेब
केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने भूटान से सेब के आयात पर सख्ती कर दी है। केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय ने इस बारे में अपने नए क्वारंटीन आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार एक खास तरह के कीट बाइटरस टोमेंटोसस और मारसोनिना कोरोनेरिया फंगस से मुक्त होने की स्थिति में ही फलों का भारत में किया जा सकेगा। भूटान सरकार की संबंधित एजेंसियों को वहां से लाए जाने वाले फलों के रोगमुक्त होने का भी प्रमाणपत्र देना होगा। इससे हिमाचल, उत्तराखंड समेत तमाम क्षेत्रों में कीट और रोग के फैलने की आशंका बन जाती है। इस सख्ती का इन पहाड़ी राज्यों के सेब उत्पादकों को दोतरफा लाभ होगा। भूटान के रास्ते कई बार ईरान, तुर्की और चीन का सेब भी भारत पहुंच जाता है।
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इससे इस पर सख्ती होगी। कोरोना काल में हालांकि विदेशी सेब ज्यादा मात्रा में हिमाचल नहीं आ पा रहा है। इसके बावजूद पड़ोसी देशों से सेब भारत आ रहा है। कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड का सेब भी पूरे भारत के उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त फल उत्पादन नहीं कर पा रहा है तो ऐसे में व्यापारी विदेशों से भी सेब मंगवाते हैं। इनमें ईरान, अफगानिस्तान से लेकर नेपाल, भूटान से भी सेब भारत आता है। चीन के सेब पर भारत कीट और रोगयुक्त होने पर पहले ही पूरी तरह से प्रतिबंधित कर चुका है। पहले भारतीय मंडियां चीनी सेब से अटी पड़ी होती थीं। इससे हिमाचल के सेब बागवानों को अच्छे रेट नहीं मिल पाते थे। अब भूटान पर नई बंदिशों से हिमाचल के सेब बागवान राहत महसूस कर रहे हैं।
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क्या कहते हैं बागवान
जाने-माने बागवान कुनाल सिंह चौहान का कहना है कि भूटान में अपना सेब उत्पादन नाममात्र का ही होता होगा। दरअसल ईरान, तुर्की आदि का सेब भूटान के रास्ते भारत आता है। वहां से सीधा आयात करे तो आयात शुल्क लगता है। भूटान सार्क देश है तो नहीं लगता। इससे हिमाचल के बागवानों को भी मार्केट में अच्छे रेट नहीं मिल पाते हैं। कीटों और रोगों के फैलने की बात भी अलग है। यह अच्छा कदम है। कई बार चीन का सेब भी उस रास्ते से आने की आशंका रहती है।
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