राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर: किन्नौर के सेब की देश-दुनिया में मांग, प्राकृतिक कृषि को दें बढ़ावा
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि किन्नौर को पर्यटन की दृष्टि से और विकसित किया जाना चाहिए। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पर्यटन योजना के तहत कार्य किया जाना चाहिए।
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राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर वीरवार को तीन दिन के किन्नौर दौरे पर पहुंचे। उन्होंने पहले दिन वीरवार को आंबेडकर भवन में जिला प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। जन प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा दें। प्राकृतिक उत्पादों की मांग विश्व स्तर पर है। किन्नौर का सेब विश्व प्रसिद्ध है। कहा कि मैं गोवा से संबंध रखता हूं, वहां से किन्नौर के सेब की मांग की जाती है। प्राकृतिक कृषि से जोड़ने पर यहां का सेब और अधिक ऊंचाइयां हासिल करेगा। उन्होंने प्रशासन के कार्यों की प्रशंसा की।
कहा कि किन्नौर को पर्यटन की दृष्टि से और विकसित किया जाना चाहिए। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पर्यटन योजना के तहत कार्य किया जाना चाहिए। किन्नौर में ईको टूरिज्म के तहत यहां अगर व्यापक स्तर पर ठहरने की व्यवस्था होती है तो बाहर से आने वाला पर्यटक यहां रुकेगा। उन्होंने 10 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री गृहणी सुविधा योजना के तहत निशुल्क रसोई गैस कनेक्शन वितरित किए। राज्यपाल सांगला की वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पहुंचे और स्कूल के नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों से बातचीत की।
थिसपोल और नमकीन चाय का लिया आनंद
राज्यपाल ने कूप्पा में थिसपोल और स्थानीय नमकीन चाय का आनंद लिया। किन्नौर संस्कृति से राज्यपाल इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने स्थानीय लोगों से इसे संरक्षित करने का आह्वान किया। कहा कि उनकी यह संस्कृति विशेष है, जो देश में उन्हें अलग पहचान देती है।
आईटीबीपी जवानों से करेंगे मुलाकात
राज्यपाल शुक्रवार को भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवानों से मस्तरंग में मिलेंगे। इसके बाद छितकुल में स्थानीय लोगों से बातचीत करेंगे। वह जिले के ऐतिहासिक कामरू किले को भी देखेंगे। 17 सितंबर को राज्यपाल राज्य रेडक्रॉस सोसायटी के सांगला में रक्तदान शिविर में मुख्यातिथि होंगे।