आईजीएमसी में पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह का ऑक्सीजन स्तर घटा, वेंटिलेटर पर
वीरभद्र का कुशलक्षेम पूछने के लिए सोमवार सुबह 9:00 बजे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समेत कई मंत्री और नेता भी आईजीएमसी पहुंचे।
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करीब ढाई महीने से सूबे के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) अस्पताल में दाखिल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का सोमवार सुबह ऑक्सीजन स्तर घट गया। डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया है। उन्हें सांस लेने में दिक्कत है। फेफड़ों में संक्रमण की शिकायत है। डॉक्टरों ने उनकी दवाइयां भी बदल दी हैं। वीरभद्र सिंह के बेटे एवं शिमला ग्रामीण से विधायक विक्रमादित्य ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि अब उनकी सेहत में सुधार है। दूसरी बार कोरोना पॉजिटिव होने के बाद वीरभद्र सिंह ने महामारी को तो मात दे दी लेकिन अन्य बीमारी की वजह से उन्हें अस्पताल से छुट्टी नहीं मिली है।
सूत्रों के अनुसार सोमवार देर शाम जब उनके स्वास्थ्य की जांच की गई तो ऑक्सीजन लेवल पहले से बेहतर था। वहीं, वीरभद्र का कुशलक्षेम पूछने के लिए सोमवार सुबह 9:00 बजे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समेत कई मंत्री और नेता भी आईजीएमसी पहुंचे। बताया जा रहा है कि उस दौरान वीरभद्र सिंह अचेत अवस्था में थे। आईसीयू में संक्रमण फैलने का खतरा न हो, इसके चलते नड्डा वीरभद्र से मिलने अंदर नहीं जा सके। नड्डा कार्डियोलॉजी विभाग में गए। यहां उन्होंने डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद नड्डा ने वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह और बेटे विक्रमादित्य सिंह से भी कुशलक्षेम जाना। कुछ देर बातचीत के बाद नड्डा बाहर लौट आए।
वीरभद्र बोल्ड व्यक्तित्व, उनकी विल पावर मजबूत : नड्डा
नड्डा ने आईजीएमसी शिमला परिसर में पत्रकारों से कहा कि वह दो दिन के हिमाचल प्रवास पर आए हैं। उन्हें यह जानकारी थी कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का स्वास्थ्य नासाज है। बातचीत के बाद यह बात सामने आई है कि डॉक्टर पूरी ताकत के साथ उन्हें स्वस्थ करने की चिंता कर रहे हैं। उन्होंने ईश्वर से कामना की कि वीरभद्र सिंह जल्द रिकवर करें। उन्होंने कहा कि हम सब जानते हैं कि वीरभद्र सिंह बोल्ड व्यक्तित्व हैं। ऐसी स्थिति से रिकवर करने में उनकी विल पावर मजबूत है। वह जल्द स्वस्थ हों और प्रदेश की सेवा करें। उनका जिस तरह से स्वास्थ्य था, उस परिस्थिति में बातचीत करना सही नहीं था। लेकिन डॉक्टर के साथ बातचीत करने से ध्यान में आया है कि वह रिस्पोंड कर रहे हैं।
वीरभद्र से मिलने नम आंखों से पहुंचे नड्डा
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा सोमवार को जब पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिलने पहुंचे तो उनकी आंखें नम थीं। राजनीतिक विरोध से जुड़ी सभी कड़वी-मीठी यादें उनके मन-मस्तिष्क में घूम रही थीं, पर उन्होंने सब भुला दीं। वीरभद्र के 1993 के मुख्यमंत्री काल के दौरान नड्डा भाजपा विधायक दल के नेता थे। उस दौरान कांग्रेस के संचार घोटाले के खिलाफ जब नड्डा ने भाजपा विधायकों के साथ हिमाचल प्रदेश विधानसभा में कई दिनों तक हंगामा किया तो नड्डा और पूर्व मंत्री एवं वर्तमान सांसद किशन कपूर सहित भाजपा के विधायकों को निलंबित किया गया था।
जब वीरभद्र सिंह और उनके परिवार के खिलाफ सीबीआई और ईडी के केस बने तो भी दोनों के बीच दूरियां बढ़ीं। सोमवार को नड्डा जब वीरभद्र सिंह के परिवार से मिले तो राजनीतिक द्वेष और दुश्मनी की जगह मानवीय संबंध नजर आए। नड्डा सोमवार को वीरभद्र सिंह से मिलने बिलासपुर से शिमला पहुंचे। उन्होंने अपने कई कार्यक्रम भी बदल दिए। इससे सब हैरत में थे। पहले भी नड्डा को जब वीरभद्र सिंह के अस्पताल में भर्ती होने का पता चला था, तब भी उन्होंने नई दिल्ली के एम्स में शिफ्ट कराने की पेशकश की थी। इस संबंध में वीरभद्र के परिवार से संपर्क किया गया था।