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80 फीसदी लुढ़के फूलों के दाम, 10 हजार का बक्सा दो हजार में बेचने को किसान मजबूर
Tue, 09 Jun 2020 09:58 AM IST
अरविन्द ठाकुर
सतीश ठाकुर, अमर उजाला नेटवर्क, गोहर(मंडी)
सतीश ठाकुर, अमर उजाला नेटवर्क, गोहर(मंडी)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 09 Jun 2020 09:58 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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अपनी महक, रंग और ताजगी के लिए मशहूर सराजघाटी के फूल देश भर में सप्लाई होने शुरू हो गए हैं। इस बार कोरोना के चलते दामों में 80 फीसदी तक गिरावट आई है। 10 हजार वाला फूलों का बक्सा महज दो हजार में बेचने को फूल उत्पादक मजबूर हैं। इनके माथे पर चिंता की लकीरें हैं, लेकिन कुछ नहीं मिलने से बेहतर कम मिलना ही वर्तमान दौर में राहत भरी खबर है। सोमवार को बगस्याड़ से करीब ढाई माह के बाद पहली फूलों की खेप दिल्ली के लिए भेजी गई।
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मालवाहक वाहन में अस्सी डब्बे फूलों के भेजे गए। इस अंतराल में कई पुष्प उत्पादक तैयार फूल फेंक चुके हैं। अकेले सराजघाटी में ही पुष्प उत्पादकों के करोड़ों डूब गए हैं। किसानों को पॉलीहाउस में तैयार फूल मवेशियों को खिलाने पड़े। कई बीघा जमीन पर लगे फूल नष्ट हो चुके हैं। सराज वैली फ्लोरीकल्चर एसोसिएशन के प्रधान भूपेंद्र पाल ने बताया कि फूलों की डिमांड शुरू हो गई है और मंडी भी खुल गई है। जिससे घाटे में गए इस करोडों के कारोबार के फिर पटरी पर लौटने की उम्मीद जग गई है।
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आजकल सराजघाटी में कारनेशन और जिप्सो फूलों की पैदावार तैयार है। पुष्प उत्पादकों में मनोज कुमार, नरेंद्र, भीम सिंह, मनोज, राम सिंह, तुलसी, बोध राज, चमन लाल और खुबे राम ने बताया कि दिल्ली से फूलों की डिमांड आने से उन्हें राहत मिली है। सराजघाटी में बगस्याड, थुनाग और आसपास के क्षेत्रों में भारी संख्या में लोगों ने खेतों और पोली हाउस में फूलों की खेती की है। अब डिमांड खुलने से लोगों ने राहत की सांस ली है। लेकिन दाम कम मिलने से वह आहत भी हैं।
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