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हिमाचल: फसल बीमा योजना के पक्ष में नहीं किसान, बैंकों को कर्ज के खातों से प्रीमियम काटने से इंकार किया

Thu, 23 Dec 2021 06:21 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Thu, 23 Dec 2021 06:21 PM IST
सार

किसान नेता हरीश चौहान ने कहा कि गरीब किसानों के कर्ज के खातों से बीमा कंपनियां बैंकों के माध्यम से जबरन प्रीमियम काट रही हैं, जबकि अब यह आवश्यक नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों के नाम पर यह एक बहुत बड़ा घोटाला हुआ है। इसकी सीबीआई जांच भी मांगी गई है।

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farmers not in favour of fasal bima yojana in himachal pradesh
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के कई किसानों ने मौसम आधारित फसल बीमा योजना का बहिष्कार कर दिया है। इन किसानों ने बैंकों में अपने कर्ज के खातों से प्रीमियम काटे जाने से इंकार कर दिया है। इन कृषकों ने बीमा योजना में बड़े घोटाले का आरोप लगाया है और इसकी सीबीआई जांच कराए जाने की भी मांग की है। इन किसानों और बागवानों ने प्रीमियम काटे जाने के बावजूद नुकसान पर क्लेम नहीं मिलने का मामला उठाया है। 

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पिछले साल इस मसले को स्व. पूर्व बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा ने भी प्रमुखता से उठाया था। इस बारे में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को एक चिट्ठी लिखी थी। उस वक्त कुछ किसानों ने बैंकों और बीमा कंपनियों के बीच एक नेक्सस होने का भी मुद्दा उठाया था। उनका आरोप था कि बैंक जबरन किसानों के कर्ज के खातों जैसे किसान क्रेडिट कार्ड और अन्य खातों से बीमा प्रीमियम काट रहे हैं। 
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जब क्लेम लेने की बारी आती तो कहा जाता है कि वेदर स्टेशन की रिपोर्ट पर ही मिलेगा। ओलावृष्टि से हिमाचल प्रदेश में बहुत नुकसान होता है, इसके लिए सामान्य योजना में कवरेज नहीं होने और इसके लिए ऐड ऑन प्रीमियम मांगा जा रहा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस मामले को मुख्य सचिव अनिल खाची को भेजा तो उन्होंने बीमा कंपनियों को तलब कर उनसे पूछा था कि ऐसा क्यों हो रहा था।
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उन्होंने बीमा योजना को दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। राज्य सरकार के हस्तक्षेप के बाद बैंक शाखाओं ने बीमा प्रीमियम नहीं काटने के इच्छुक किसानों से दिसंबर महीने से पहले अपनी राय मांगी। कई किसानों ने बैंक शाखाओं को लिखित में अपनी राय दी है कि बैंक शाखाएं उनका प्रीमियम न काटे। ऐसे किसानों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है।


किसानों को किया जा रहा जागरूक : हरीश
किसान नेता हरीश चौहान ने कहा कि गरीब किसानों के कर्ज के खातों से बीमा कंपनियां बैंकों के माध्यम से जबरन प्रीमियम काट रही हैं, जबकि अब यह आवश्यक नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों के नाम पर यह एक बहुत बड़ा घोटाला हुआ है। इसकी सीबीआई जांच भी मांगी गई है। उन्होंने कहा कि किसानों ने इस योजना का बहिष्कार किया है। संघ किसानों को जागरूक भी कर रहा है कि जब तक यह योजना एक नेक्सस की तरह चल रही है, तब तक वे अपना प्रीमियम न काटें। 

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