{"_id":"65abb71fc8adb87ca4085167","slug":"earthquake-in-kinnaur-district-of-himachal-know-the-intensity-2024-01-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Earthquake Today: हिमाचल के किन्नौर जिले में भूकंप, जानें कितनी रही तीव्रता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Earthquake Today: हिमाचल के किन्नौर जिले में भूकंप, जानें कितनी रही तीव्रता
Sat, 20 Jan 2024 05:37 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 20 Jan 2024 05:37 PM IST
सार
किन्नौर जिले में भूकंप दर्ज किया गया है। भूकंप शनिवार दोपहर करीब 2:35 बजे आया और तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.0 आंकी गई।
विज्ञापन
किन्नौर जिले में भूकंप
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में भूकंप दर्ज किया गया है। भूकंप शनिवार दोपहर करीब 2:35 बजे आया और तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.0 आंकी गई। भूकंप का केंद्र लिप्पा खास(मूरंग) में जमीन के अंदर पांच किलोमीटर की गहराई पर था। हालांकि, तीव्रता कम होने के चलते भूकंप से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।
कैसे आता है भूकंप?
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।
भूकंप की तीव्रता
विज्ञापन
कैसे आता है भूकंप?
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।
विज्ञापन
भूकंप की तीव्रता
- रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते।
- रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं।
- इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते।
- वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।
- लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।
विज्ञापन