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Shimla News: डॉ. विक्रम बोले- फोरलेन के लिए अंधाधुंध कटाई से कमजोर हो रहे पहाड़

Sat, 07 Oct 2023 10:51 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 07 Oct 2023 10:51 AM IST
सार

एनजीटी के सदस्य भू-वैज्ञानिक डॉ. विक्रम गुप्ता ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं और यह भविष्य के लिए बड़ी चुनौती है। भूस्खलन की घटनाओं को रोका जा सकता है।
 

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Dr. Vikram gupta said Mountains are becoming weak due to indiscriminate felling for fourlanes.
भू-वैज्ञानिक डॉ. विक्रम गुप्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमालयी राज्यों में फोरलेन निर्माण के लिए की जा रही अंधाधुंध कटाई से पहाड़ कमजोर हो रहे हैं। सड़कें बनाना जरूरी हैं, लेकिन ढलानों से छेड़छाड़ तबाही का कारण बन रही है। पश्चिमी हिमालयन क्षेत्रों में भूकंप, भूस्खलन की समस्याओं एवं चुनौतियों पर कार्यशाला के दौरान एनजीटी के सदस्य भू-वैज्ञानिक डॉ. विक्रम गुप्ता ने यह जानकारी दी। कहा कि जलवायु परिवर्तन से भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं और यह भविष्य के लिए बड़ी चुनौती है। भूस्खलन की घटनाओं को रोका जा सकता है।

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हिमालयी राज्यों जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल में भूस्खलन का मुख्य कारण जलवायु परिवर्तन और ढलानों से छेड़छाड़ है। जलवायु परिवर्तन से बारिश के स्वरूप में बदलाव आया है। हिमाचल में इस साल बरसात में सामान्य से 30 फीसदी से दोगुना तक हुई अधिक बारिश हुई है। हिमाचल के किन्नौर और लाहौल-स्पीति में बारिश हो रही है, जो वहां के पहाड़ों के लिए उपयुक्त नहीं है। हिमालयी राज्यों में सड़कें बनाने के लिए पहाड़ों को काटकर छोड़ दिया जा रहा है। इससे पहाड़ कमजोर हो रहे हैं। सड़कें बनाने के साथ ही ढलानों को मजबूत करना जरूरी है।
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नार्वे इसका बेहतरीन उदाहरण है। ढलानों में पानी का रिसाव न हो, इसके लिए ड्रेन बननी चाहिए। ढलानों को रॉक बोल्ट तकनीक से मजबूत किया जा सकता है। नेशनल जीओ अवार्ड 2022 के विजेता हैं डॉ. विक्रममौजूदा समय में केंद्रीय विश्वविद्यालय गंगटोक सिक्किम में बतौर प्रोफेसर सेवाएं दे रहे विक्रम नेशनल जीओ अवार्ड 2022 (भूस्खलन) विजेता हैं। वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के वरिष्ठ वैज्ञानिक के तौर पर 2021 में डॉ. विक्रम गुप्ता हिमाचल प्रदेश के सांगला वैली में भूस्खलन से हुए जानमाल के नुकसान के साथ धर्मशाला के पर्यटन स्थल मैक्लोडगंज से सटे भागसूनाग जलप्रपात वाले इलाके में बादल फटने से हुई तबाही का अध्ययन कर चुके हैं।

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