कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तारीकरण के विस्थापितों को मिलेगा 760 करोड़ मुआवजा: पठानिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल के कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का विरोध कर रहे ग्रामीणों और विपक्ष को जयराम सरकार ने स्पष्टीकरण दिया है। धर्मशाला में प्रेस वार्ता के दौरान सरकार का पक्ष रखते हुए विधायक राकेश पठानिया ने कहा कि विपक्ष ग्रामीणों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। यह प्रदेश के हित में नहीं है। उनके साथ धर्मशाला के विधायक विशाल नैहरिया भी मौजूद रहे।
पठानिया ने कहा कि कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार से पूरे हिमाचल के विकास में क्रांति आएगी। विस्तारीकरण की वजह से जो परिवार विस्थापित होंगे, उन्हें मुआवजे के तौर पर 760 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव सरकार ने बनाया है। इस राशि को और भी बढ़ाया जा सकता है। पहली बार विस्थापितों को सबसे ज्यादा मुआवजा मिलेगा। पहले लोगों को मुआवजा और बाद में एयरपोर्ट का विस्तार होगा। किसी के भी व्यापार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
सरकार ऐसा प्लान कर रही है कि किसी के लिए भी विस्तार घाटे का सौदा न हो। शामलात जमीन पर पर बसे लोगों को भी सरकार बसाएगी। उन्हें भी सरकार उजड़ने नहीं देगी। विस्थापित लोगों के लिए सरकार अच्छी जगह पर एक टाउनशिप यानी शहर विकसित करेगी। इससे विस्थापित लोगों को उजड़ने के बाद इस बात की चतिंा नहीं रहेगी कि उन्हें रहना कहां है। जिनका रोजगार जाएगा, उनके प्रति सरकार चिंतित है। जयराम सरकार प्रभावित लोगों को फैक्टर वन के तहत मुआवजा देने को लेकर विचार कर रही है।
160 से कम करके 140 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण का बनाया है प्रस्ताव
विस्तारीकरण के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया ने सरकार से 160 हेक्टेयर जमीन मांगी थी। ज्यादा लोग न उजड़ें इसलिए जयराम सरकार ने 160 नहीं बल्कि 140 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण का प्रस्ताव बनाया है। सरकार कोशिश कर रही है कि वह 140 हेक्टेयर से भी कम जमीन का अधिग्रहण करे। अधिग्रहण की जद में कामर्शियल हिस्सा कम से कम आए, इस पर भी सरकार काम कर रही है।
कांगड़ा और शाहपुर के ये गांव आएंगे विस्तारीकरण की जद में
पठानिया ने कहा कि विस्तारीकरण के तहत जो प्रस्ताव बनाया गया है उसकी जद में शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत बैदी, ढुगियारी, सनौरा, गगल, बाग, बरसवालकड़, सहौड़ा, बल्ला, मुंगरेहड़, झिकली इच्छी जबकि कांगड़ा विस क्षेत्र के तहत रछियालू, जुगेहड़, कियोड़ियां और बड़ोल राजस्व गांव आएंगे।