छात्रा मौत मामला: यूजीसी ने गठित की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी, एससी-एसटी व महिला आयोग ने भी तलब की रिपोर्ट
यूजीसी ने इस मामले की जांच के लिए शुक्रवार को फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित कर दी है। यूजीसी का कहना है कि यह घटना बेहद दुखद है।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की पूर्व छात्रा की मौत मामले की जांच विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) भी करेगा। यूजीसी ने इस मामले की जांच के लिए शुक्रवार को फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित कर दी है। यूजीसी का कहना है कि यह घटना बेहद दुखद है। परिजनों को विश्वास दिलाते हैं कि जो भी दोषी होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें कड़ी सजा मिलेगी। छात्र और छात्राओं की सुरक्षा सबसे अहम है। उसमें किसी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं होगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यूजीसी ने धर्मशाला कॉलेज की छात्रा की मौत मामले का खुद संज्ञान लेते हुए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी को जांच कर जल्द रिपोर्ट देने के लिए कहा है। इसी बीच, छात्रा को जातिसूचक शब्दों से प्रताड़ित करने के आरोपों के चलते हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग ने भी पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने छात्रा से रैगिंग, शारीरिक उत्पीड़न व यौन उत्पीड़न से जुड़ी घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें 19 वर्षीय छात्रा की उपचार के दौरान माैत हो गई। आयोग अध्यक्ष ने प्रदेश पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर तत्काल प्राथमिकी पंजीकरण, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच, पोस्टमार्टम व चिकित्सीय अभिलेखों के संरक्षण तथा भारतीय न्याय संहिता 2023, यौन उत्पीड़न निरोधक कानूनों एवं रैगिंग निषेध नियमों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, दोषी संकाय सदस्यों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई, महाविद्यालय में एंटी रैगिंग तंत्र की समीक्षा के साथ परिसर सुरक्षा, जागरूकता व परामर्श व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस संबंध में पांच दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट आयोग को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं राज्य महिला आयोग ने मामले में संज्ञान लिया है। राज्य महिला आयोग अध्यक्ष विद्या नेगी ने एसपी कांगड़ा से मामले की रिपोर्ट तलब की है।
पुलिस ने रैगिंग एक्ट में केस दर्ज करने के बाद दो टीमें गठित कर जांच तेज कर दी है। शुक्रवार को दोनों टीमें जांच में जुटी रहीं। डीएसपी निशा कुमारी के नेतृत्व में एक टीम छात्रा के घर पहुंची, जहां माता-पिता के बयान दर्ज किए। साथ ही छात्रा के कमरे, बैग और अन्य सामान की भी जांच की गई। पुलिस पता लगाने का प्रयास कर रही है कि छात्रा के डिप्रेशन में जाने की वजह क्या थी और क्या उसने कॉलेज में हुई घटनाओं का जिक्र डायरी या कॉपी में किया था। वहीं, दूसरी टीम ने कॉलेज पहुंचकर प्राचार्य, आरोपी शिक्षक और आरोपी छात्राओं के साथ ही अन्य शिक्षकों से भी पूछताछ की है। पिता ने शिकायत में तीन छात्राओं और शिक्षक पर मारपीट, प्रताड़ना समेत अशोभनीय व्यवहार के आरोप लगाए हैं। यह भी आरोप है कि छात्रा को बोतल से पीटा गया, चाकू से हमला करने का प्रयास किया गया, बाल काटे गए और गला घोंटने की कोशिश भी की गई।
एक और छात्रा व प्रोफेसर का नाम आया
छात्रा को प्रताड़ित करने के मामले में एक और छात्रा व प्रोफेसर का नाम सामने आया है। आरोप है कि एक सहायक आचार्य ने भी छात्रा के साथ दाखिला प्रक्रिया के दौरान गलत व्यवहार किया था। एक अन्य छात्रा पर आरोप है कि उसने पीड़िता की निजी बातें अन्य छात्राओं को बताई और उसे मानसिक रूप से नीचा दिखाया। दर्ज प्राथमिकी में चौथी छात्रा का नाम तो शामिल है, लेकिन दूसरे प्रोफेसर का नाम अभी एफआईआर में दर्ज नहीं किया गया है। यदि जांच में दूसरे प्रोफेसर की भूमिका सामने आती है, तो उसका नाम भी जोड़ा जाएगा। एक कथित वीडियो सामने आया है, जिसमें छात्रा ने कॉलेज में हुई अपनी तकलीफों के बारे में बताया है।
अस्पतालों से छात्रा की मेडिकल रिपोर्ट लेगी पुलिस
एसपी अशोक रतन ने बताया कि अभी तक पुलिस में दर्ज प्राथमिकी में चार छात्राओं और एक कॉलेज प्राध्यापक का नाम है। दो टीमें मामले की जांच कर रही हैं। जिन अस्पतालों में छात्रा का इलाज हुआ है, उनकी रिपोर्ट और बीमारी के इतिहास की भी जांच की जाएगी। पुलिस ने परिजनों से भी छात्रा की मे डिकल रिपोर्ट मांगी है। फोरेंसिक साइंस विभाग में पीड़ित छात्रा समेत आरोपी चारों छात्राओं और प्राध्यापक के मोबाइल फोन की जांच भी होगी। उन्होंने बताया कि परिजनों ने एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज नहीं कराया है। जिन चार छात्राओं के नाम सामने आए हैं, उनमें तीन छात्राएं एससी/एसटी समुदाय से संबंधित हैं। साथ ही, पीड़िता के दो वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें एक में कॉलेज प्रोफेसर की तारीफ की गई है और दूसरे वीडियो में छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए हैं।
आरोपी प्रोफेसर को अग्रिम जमानत
मामले के तूल पकड़ने के बीच छात्रा से छेड़छाड़ और अशोभनीय व्यवहार के आरोपों में घिरे कॉलेज प्रोफेसर ने कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी। शुक्रवार को उसे अग्रिम जमानत मिल गई है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि प्रोफेसर को पुलिस जांच में पूरा सहयोग करना होगा। कॉलेज छात्रा की मौत पर गवर्नमेंट कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर अश्विनी कुमार ने कहा, 'यह हिमाचल के सबसे बड़े इंस्टीट्यूट में से एक है और इस घटना को इसके इतिहास में एक काले अध्याय के तौर पर याद किया जाएगा। कॉलेज ने कई जाने-माने पुराने स्टूडेंट्स दिए हैं और मैं खुद भी यहां का स्टूडेंट रहा हूं। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं।
#WATCH | Dharamshala, HP: On college student death row, assistant professor, Govt College, Ashwani Kumar says, "... It is Himachal’s one of the biggest institutes, and this incident will be remembered as a dark chapter in its history. The college has produced many distinguished… https://t.co/6aEp9UF05P pic.twitter.com/eSnnTaej77
— ANI (@ANI) January 3, 2026
पिता बोले-जातिसूचक शब्दों से किया प्रताड़ित
छात्रा के पिता ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि धर्मशाला कॉलेज में 2024-25 सत्र में बीए प्रथम वर्ष में दाखिला लेने के बाद से उसे मानसिक-शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। कॉलेज की कुछ छात्राएं उनकी बेटी को जातिसूचक शब्दों से प्रताड़ित करती थीं। कॉलेज प्रशासन को शिकायत दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने निष्पक्ष कहा कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाए।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.