कुल्लू दशहरा: देवताओं को बुलाने पर बनी बात, नजराने पर प्रशासन ने खड़े किए हाथ
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के लिए प्रशासन की ओर से 300 देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया जाएगा। इस बार देव समागम के अलावा कोई अन्य गतिविधि नहीं होगी। ऐसे में देवी और देवताओं को इस बार नजराना भी नहीं मिलेगा। इस बार भगवान रघुनाथ की नगरी ढालपुर में सिर्फ देवी-देवता ही नजर जाएंगे।
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अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में देवा-देवताओं को बुलाने पर बात बन गई है, लेकिन देवताओं को दिए जाने वाले नजराने पर प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की ओर से 300 देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया जाएगा। इस बार देव समागम के अलावा कोई अन्य गतिविधि नहीं होगी। ऐसे में देवी और देवताओं को इस बार नजराना भी नहीं मिलेगा। इस बार भगवान रघुनाथ की नगरी ढालपुर में सिर्फ देवी-देवता ही नजर जाएंगे। देवताओं को नजराना देने के लिए प्रशासन को 60 से 70 लाख की जरूरत पड़ती है। कोरोना काल में प्रशासन ने नजराना दिए जाने को लेकर हाथ खड़े कर लिए हैं।
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दशहरा के लिए मात्र दो सप्ताह का समय शेष रह गया है। अब दशहरा उत्सव समिति देवी-देवताओं को निमंत्रण देने पर फोकस कर रही है। समिति पहले की तरह दशहरा के निमंत्रण पत्र जिला के संबंधित एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के जरिये देवी-देवताओं तक पहुंचाएगी। इधर, दशहरा में देवी-देवताओं को बुलावे के भेजे जा रहे निमंत्रण पत्र को लेकर जिला देवी-देवता कारदार संघ ने स्वागत किया है। संघ ने दशहरा में देवी-देवताओं को निमंत्रण पत्र देने की पैरवी की थी। अब सरकार ने भी इस पर मोहर लगा दिया है। संवाद
निमंत्रण पर देवी-देवता कारदार संघ ने जताया आभार
जिला देवी-देवता कारदार संघ के महासचिव नारायण चौहान ने कहा कि दशहरा की तिथि नजदीक आते ही देव समाज भी तैयारियों में जुट गया है। देवी-देवताओं के मुख-मोहरों को सजाने का काम भी शुरू कर दिया है। उपायुक्त कुल्लू एवं दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष आशुतोष गर्ग ने कहा कि दशहरा की तैयारियां शुरू कर दी हैं और अक्तूबर के पहले सप्ताह में सभी देवी-देवताओं को निमंत्रण पत्र पहुंच जाएंगे। उन्होंने कहा कि दशहरा में लोग देव संस्कृति के दर्शन कर सकेंगे।
देवी-देवताओं को हर सुविधा प्रदान करेगी समिति
दशहरा में आने वाले देवी-देवताओं को दशहरा उत्सव समिति की ओर से हर सुविधा प्रदान करेगी। बिजली और पानी के साथ देवी-देवताओं को ठहरने की जगह और टेंट प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा देवी-देवताओं के देवलुओं को दशहरा समिति सस्ते रेट पर लकड़ी, राशन, सिलिंडर और अन्य खाद्य सामग्री भी उपलब्ध करवाएगी।
दशहरा उत्सव में रहेगा आचार संहिता साया
दशहरा उत्सव में मंडी लोकसभा उपचुनाव के चलते आचार संहिता रहेगी। इस दौरान किसी तरह की घोषणा भी नहीं हो सकेगी। मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री भी दशहरा उत्सव से दूर रहेंगे।