Drinking water shimla: गिरि के टैंकों से निकाला मलबा, शिमला में इस दिन से पेयजल आपूर्ति होगी सामान्य
मलबे से भरे गिरि पेयजल परियोजना के सभी टैंक साफ कर दिए हैं। इस परियोजना से शुक्रवार शिमला शाम शहर के लिए पानी की सप्लाई भी शुरू हो गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ आने से मलबे से भरे गिरि पेयजल परियोजना के सभी टैंक साफ कर दिए हैं। इस परियोजना से शुक्रवार शिमला शाम शहर के लिए पानी की सप्लाई भी शुरू हो गई है। शनिवार से शहर में पानी की सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद है। हालांकि, शुक्रवार को शहर के कई इलाकों में देरी से पानी मिला। पेयजल कंपनी ने सबसे पहले उन इलाकों में सप्लाई दी जहां गुरुवार तीसरे दिन भी पानी नहीं मिला था। शाम के समय अन्य इलाकों में भी पानी दिया गया। कंपनी के अनुसार गिरि परियोजना में शुक्रवार सुबह सात बजे से टैंकों की सफाई शुरू कर दी थी।
इसके लिए 25 मजदूरों को टैंक में उतारा गया। इसके बाद टनों के हिसाब से मलबा बाहर फेंका गया। मलबा निकालने के बाद टैंक की सफाई की गई। इसके बाद टैंकों में पानी भरने का काम शुरू हो पाया। दोपहर तीन बजे शिमला के लिए सप्लाई शुरू कर दी गई। गुम्मा और कोटी बरांडी पेयजल परियोजनाओं में भी अब सप्लाई सामान्य हो गई है। पेयजल कंपनी के एजीएम सुमित सूद ने कहा कि युद्ध स्तर पर टैंकों की सफाई का काम किया है। शहर के लिए सभी परियोजनाओं से सप्लाई शुरू कर दी है। शहरवासियों को शनिवार से अब पहले से तय शेड्यूल के अनुसार पानी मिलने लगेगा।
शनिवार इन इलाकों में देंगे सप्लाई
पेयजल कंपनी के अनुसार शनिवार को शहर के संजौली जोन के संजौली बाजार, डिस्पेंसरी एरिया, मल्याणा, शनान, मशोबरा, इंद्रनगर, हिमगिरि, नॉर्थ ओक, बॉथवेल, लोअर चलौंठी, ओल्ड एंड न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी, सेंट्रल जोन के लोअर बाजार, रामबाजार, कृष्णानगर, बस स्टैंड, चौड़ा मैदान जोन के नाभा, फागली, टुटीकंडी और अनाडेल इलाके में पानी की सप्लाई दी जाएगी।
शहर में 24 घंटे पानी देने का प्रोजेक्ट 2025 में होगा पूरा
उधर, राजधानी शिमला को 24 घंटे पानी देने के विश्वबैंक के प्रोजेक्ट का काम साल 2025 तक पूरा होगा। इस परियोजना की पेयजल लाइन बिछाने पर 421 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। प्रोजेक्ट के तहत शहर को 2035 तक 42 एमएलडी जबकि इसके बाद 67 एमएलडी पानी हर रोज मिलेगा। विधानसभा में शुक्रवार को जुब्बल-कोटखाई से कांग्रेस विधायक रोहित ठाकुर के सवाल के जवाब में शहरी विकास विभाग ने यह जानकारी दी। सरकार की ओर से बताया गया कि प्रोजेक्ट का टेंडर अवार्ड हो चुका है। मौके पर स्टोरेज टैंक बनाए जा रहे हैं। दवाडा के लिए चार किलोमीटर सड़क का निर्माण हो चुका है। परियोजना के बनने से शिमला शहर के साथ लगते पंचायती इलाकों में भी पानी की सप्लाई दी जाएगी। शहर में हर व्यक्ति को 135 लीटर पानी प्रतिदिन की सप्लाई दी जाएगी। साल 2050 में राजधानी शिमला की पेयजल जरूरतों के हिसाब से इस परियोजना को तैयार किया है।