{"_id":"63da66b581e048304c63f10b","slug":"cyber-crime-increased-in-himachal-pradesh-sukhu-govt-de-notifies-two-cyber-thana-2023-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"संकट में संस्थान: हिमाचल में साइबर अपराध बढ़ा, पर सुक्खू सरकार ने बंद कर दिए दो थाने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संकट में संस्थान: हिमाचल में साइबर अपराध बढ़ा, पर सुक्खू सरकार ने बंद कर दिए दो थाने
Thu, 02 Feb 2023 11:51 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 02 Feb 2023 11:51 AM IST
सार
सुक्खू सरकार ने धर्मशाला और मंडी में खोले गए नए साइबर थाने बंद कर दिए हैं। वर्ष 2017 में 1,723, वर्ष 2019 में 3,057, 2020 में 6,451 और वर्ष 2022 में 9,110 लोगों को साइबर अपराधियों ने ठगा है।
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में साइबर अपराध लगातार बढ़ता जा रहा है। आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सुक्खू सरकार ने धर्मशाला और मंडी में खोले गए नए साइबर थाने ही बंद कर दिए हैं। इनके बंद होने से साइबर अपराधियों को राज्य में लूट की छूट मिली है। यह थाने इसलिए खोले थे, जिससे हिमाचल के लोगों को शिकायत करने के लिए शिमला साइबर थाने में न आना पड़े। शातिर हिमाचल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, पूर्व मुख्यमंत्री और मंत्री सहित अन्य अधिकारियों के नाम से फेसबुक या इंस्टाग्राम पर फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों से पैसे मांग रहे हैं।
विज्ञापन
आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2017 में 972 लोग ठगी का शिकार हुए थे। वर्ष 2022 में यह आंकड़ा 9,110 हो गया है। साइबर अपराधियों के द्वारा ठगी का शिकार हुए लोगों का आंकड़ा जारी किया है। वर्ष 2017 में 1,723, वर्ष 2019 में 3,057, 2020 में 6,451 और वर्ष 2022 में 9,110 लोगों को साइबर अपराधियों ने ठगा है।
विज्ञापन
वर्ष 2022 में हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करीब 116 शिकायतें दर्ज हुई हैं। साइबर अपराधी लोगों को ठगने के नए-नए तरीके निकाल रहे हैं। कभी बिजली बिल जमा न होने की बात कही जाती है तो कभी लोन का झांसा देकर लोगों के खाते से पैसे निकाले जा रहे हैं। पतंजलि योगपीठ में अस्पतालों में कमरों की ऑनलाइन बुकिंग को लेकर भी लोगों को ठगा जा रहा है।
विज्ञापन
लोगों को ठगने के लिए नए तरीके अपना रहे शातिर
शातिर लोगों को ठगने के लिए नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पैन कार्ड बनाने से लेकर क्रेडिट कार्ड के प्वाइंट रिडिम करने, ओटीपी शेयर करने, लोन देने के लिए साक्षात्कार करवाने के नाम पर लिंक भेजकर ठगी की जा रही है। करीब 400 ऐसी एप्लीकेशन हैं, जो फर्जी हैं। इनके लिंक लोगों को भेजे जा रहे हैं। लोग भी इनके झांसे में आकर लोन और अन्य चीजों के लिए आवेदन कर देते हैं। ऐसे में उनके खाते से पैसे कटने शुरू हो जाते हैं।
उम्रदराज लोग ऑनलाइन हो रहे ठगी का शिकार
प्रदेश में ज्यादातर उम्रदराज लोग ऑनलाइन ठगी का शिकार हो रहे हैं। शातिर महिलाएं पहले उम्रदराज और अधेड़ लोगों के साथ व्हाट्सएप पर चैट करती हैं। धीरे-धीरे उन्हें अपने जाल में फंसाती हैं। फिर पैसा मांगना शुरू कर देती हैं। ऐसा न करने पर वह तस्वीरें या व्हाट्सएप पर की गई बात परिवार के सदस्यों के साथ साझा करने की धमकी देती हैं।