हिमाचल: कोरोना के फेर में फंसे टीजीटी के 862 पद, काउंसलिंग स्थगित
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टीजीटी की बैचवाइज भर्ती कोरोना के फेर में फंस गई है। कई उम्मीदवारों के बाहरी राज्यों से आने के चलते प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने आगामी आदेशों तक काउंसलिंग स्थगित कर दी । 862 पद भरने को पहले 25 जून से जिलावार काउंसलिंग की तैयारी थी। अब जुलाई के पहले हफ्ते में दोबारा विचार होगा। काउंसलिंग में भीड़ एकत्र न हो, इसके लिए ऑनलाइन विकल्प भी है। सरकार ने अनुबंध पर टीजीटी के कुल 1724 पद बैचवाइज भरने का फैसला लिया है। इनमें 481 पद आर्ट्स, 212 नॉन मेडिकल और 169 पद मेडिकल संकाय से भरे जाएंगे। शेष पद कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से भरे जाएंगे। टेट पास उम्मीदवारों की भर्ती की जाएगी। 18 से 45 साल की आयु वाले इसमें शामिल होंगे। इन्हें 13900 रुपये मासिक वेतन मिलेगा। कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन के चलते भर्ती प्रक्रिया रुक गई थी। इससे पहले निदेशालय ने अप्रैल में पात्र उम्मीदवारों के नाम मांगे थे।
अब लॉकडाउन हटते ही निदेशालय ने दोबारा प्रक्रिया शुरू कर दी है। भर्ती प्रक्रिया के तहत सामान्य वर्ग में 20 साल पहले बीएड करने वालों का टीजीटी आर्ट्स की भर्ती में नंबर आएगा। साल 2000 तक बीएड करने वालों को सरकारी नौकरी मिलने की उम्मीद है। सामान्य वर्ग के लिए आर्ट्स में 2000 और नॉन मेडिकल में 1999 का बैच चल रहा है। मेडिकल में 2001 के बैच वालों को नौकरी मिलने के आसार हैं। सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का आर्ट्स और नॉन मेडिकल में 2003 और मेडिकल में 2006, एससी में आर्ट्स का 2003, नॉन मेडिकल और मेडिकल में 2006, एसटी में आर्ट्स का 2004, नॉन मेडिकल का 2007 और मेडिकल में 2005 का बैच चल रहा है। स्वतंत्रता सैनानियों के बच्चों के लिए आरक्षित सीटों में आर्ट्स और नॉन मेडिकल का 2003 का बैच चल रहा है।