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शरणार्थी और घुसपैठिये के बीच का फर्क समझे कांग्रेस: धूमल
Thu, 12 Dec 2019 05:21 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 12 Dec 2019 05:21 PM IST
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पूर्व सीएम प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा और राज्यसभा दोनों में पास हो चुका है। यह मोदी सरकार का तीसरा ऐतिहासिक फैसला है, जिसका भाजपा पार्टी पर विश्वास रख सवा 100 करोड़ जनता इंतजार कर रही थी। नागरिकता बिल देश की सुरक्षा को सशक्त बनाता है। कांग्रेस को इस बिल की अहमियत को समझना होगा कि यह बिल दूसरे देशों में रह रहे अल्पसंख्यकों के लिए है जो उस देश में प्रताड़ित किए जा रहे हैं।
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पाकिस्तान में 1947 में 23 फीसदी अल्पसंख्यक थे। 2011 में 3.7 प्रतिशत रह गए। बांग्लादेश में 22 फीसदी थे जो आज से 1.8 प्रतिशत रह गए हैं। आखिर यह लोग कहां चले गए या फिर उन्हें मार दिया गया या इनसे जबरन धर्म परिवर्तन करा दिया गया है। पड़ोसी देशों के आंकड़े अल्पसंख्यकों की हालत बताने के लिए काफी है। भारत में 9.8 प्रतिशत अल्पसंख्यक लोग थे जो आज 14.28 प्रतिशत हो गए हैं। इससे पता चलता है कि अल्पसंख्यक कहां खुश और सशक्त हैं।
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कांग्रेस पार्टी को समझना होगा कि शरणार्थी और घुसपैठिये में क्या फर्क होता है। दुनिया में अगर अल्पसंख्यक सबसे ज्यादा कहीं सुरक्षित है तो वह भारत है। अगर देश का विभाजन जिन्ना ने धर्म के आधार पर किया था तो कांग्रेस ने धर्म विभाजन को क्यों स्वीकार किया। यह नागरिकता बिल अल्पसंख्यक लोगों के लिए है जो इस्लामिक देशों में प्रताड़ित हो रहे हैं। नागरिकता बिल किसी भी धर्म को हनन नहीं करता है।
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