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Himachal News: हिमाचल में आम-बान और पाजा सहित छह प्रजातियों के पेड़ों को काटने पर पूर्ण प्रतिबंध
Tue, 29 Aug 2023 08:35 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 29 Aug 2023 08:35 PM IST
सार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य के बाहर किसी भी किस्म की इमारती लकड़ी और ईंधन की लकड़ी को ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, जिसका उद्देश्य हिमाचल प्रदेश से लकड़ी की तस्करी पर अंकुश लगाना और राज्य के मूल्यवान संसाधनों को बचाना है।
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आम का पेड़।
- फोटो : istock
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विस्तार
लगातार बढ़ रहे अवैध कटान और बाहरी राज्यों के लिए गैरकानूनी तरीके से लकड़ी ले जाने पर अंकुश लगाने के लिए अब राज्य सरकार ने 19 में से छह प्रजातियों के काटने पर रोक लगा दी है। इनमें आम, बान, पाजा, तूणी, रीठा और त्रियांबल किस्में शामिल हैं।
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इसकी जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य के बाहर किसी भी किस्म की इमारती लकड़ी और ईंधन की लकड़ी को ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, जिसका उद्देश्य हिमाचल प्रदेश से लकड़ी की तस्करी पर अंकुश लगाना और राज्य के मूल्यवान संसाधनों को बचाना है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को कहा कि इन छह किस्मों को वन विभाग के 10 वर्षीय कटाई कार्यक्रम में लाया गया है। अब इन पेड़ों को केवल वन विभाग की अनुमति के बाद ही काटा जा सकता है। हालांकि, नए नियमों में घरेलू कार्यों के लिए एक वर्ष में अधिकतम पांच पेड़ों को काटने की अनुमति रहेगी।
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राज्य सरकार के इस निर्णय से वनों के अवैध कटान की रोकथाम होगी और जैव विविधता बचाने में भी मदद मिलेगी। वन विभाग ने 13 पेड़ प्रजातियों की एक संशोधित सूची अधिसूचित कर दी है, जिन्हें वन परिक्षेत्राधिकारी को सूचित कर काटा जा सकता है। बाकी अन्य चिन्हित प्रजातियों के पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग की अनुमति अनिवार्य होगी। वर्ष 2021 में निजी जमीन पर लगे पेड़ों की 19 प्रजातियों को काटने और बेचने पर छूट दी गई थी।