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Himachal: सीएम सुक्खू बोले- आपदा से निपटने को 3,000 करोड़ रुपये की योजना तैयार, केंद्र से नहीं मिल रही मदद
Fri, 05 Sep 2025 02:27 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, भुंतर(कुल्लू)
संवाद न्यूज एजेंसी, भुंतर(कुल्लू)
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 05 Sep 2025 02:27 PM IST
सार
सीएम आपदा प्रभावितों को वितरित करने के लिए अपने साथ राशन भी लेकर गए। मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण से भुंतर व आसपास के क्षेत्रों में बरसात से हुए नुकसान की स्थिति भी जानी।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू हेलिकाप्टर से कुल्लू रवाना हुए।
- फोटो : संवाद
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने आपदा से निपटने के लिए 3,000 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार कर विश्व बैंक को भेजा है। इसे मंजूरी मिलते ही प्रभावितों के पुनर्वास के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। अभी राज्य सरकार अपने संसाधनों से आपदा प्रभावितों की मदद कर रही है। राज्य में बादल फटने, भूस्खलन और बारिश से भारी तबाही हुई है, लेकिन केंद्र सरकार से प्रभावितों के लिए कोई मदद नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि टूटी सड़कों को फिर से तैयार किया जाएगा और उजड़े परिवार बसाए जाएंगे। शुक्रवार को आपदा प्रभावित कुल्लू-मनाली में मुख्यमंत्री ने ये बातें कहीं।
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मुख्यमंत्री सुक्खू ने मनाली के वशिष्ठ चौक, बाहंग, ओल्ड मनाली, कुल्लू के अखाड़ा बाजार और लगवैली में भारी बारिश-भूस्खलन से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितों को बसाने के लिए पैसा देने के लिए तैयार है। बशर्ते केंद्र सरकार जमीन उपलब्ध करवाए। मुख्यमंत्री बागवानों को विश्वास दिलाया कि उनका सेब बगीचों में सड़ने नहीं दिया जाएगा। सेब को मंडियों तक हर हाल में पहुंचाया जाएगा। इसके लिए बंद सड़कों को बहाल करने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, बिजली बहाली का काम भी जोरों पर है। मुख्यमंत्री सुबह शिमला के जुब्बड़हट्टी से वायुसेना के हेलिकाप्टर में राशन एवं अन्य आवश्यक सामग्री लेकर कुल्लू पहुंचे।
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उन्होंने मनाली के वशिष्ठ चौक पर बीआरओ अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़क को जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए। अखाड़ा बाजार में राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षतिग्रस्त भुंतर पुल तथा भूतनाथ पुल का भी निरीक्षण किया। जिनके घर आपदा में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं और सामान खराब हो गया है, उन्हें राज्य सरकार 7.70 लाख रुपये दे रही है। पशु धन की हानि के लिए भी उचित मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने मंडी और कुल्लू जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी किया।
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उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और अन्य भाजपा नेता आपदा को लेकर सिर्फ सोशल मीडिया पर ही एक्टिव हैं। इनकी ओर से प्रभावितों की मदद के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। जबकि केंद्र में सरकार होने के नाते भाजपा को प्रभावितों की हरसंभव मदद के लिए आगे आना चाहिए। नेता विपक्ष को सिर्फ शब्द बान छोड़ने हैं, करना कुछ नहीं है। कहीं जाना नहीं है। आपदा प्रभावित कुल्लू-मनाली में कोई भी भाजपा का नेता नहीं गया।
हेलिकॉप्टर से कश्मीर पहुंचाए जाएंगे मृतकों के शव
मुख्यमंत्री अखाड़ा बाजार में भूस्खलन की चपेट में आए घरों के मलबे में दबे लोगों के परिजनों से मिले और हर संभव मदद को भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि मलबे में दबकर जिन लोगों की माैत हुई है, उनके शव हेलिकाप्टर से कश्मीर पहुंचाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री अखाड़ा बाजार में भूस्खलन की चपेट में आए घरों के मलबे में दबे लोगों के परिजनों से मिले और हर संभव मदद को भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि मलबे में दबकर जिन लोगों की माैत हुई है, उनके शव हेलिकाप्टर से कश्मीर पहुंचाए जाएंगे।
मणिमहेश यात्रा की तैयारियों में हुई चूक, अगली बार बनाएंगे एसओपी : नेगी
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि इस बार मणिमहेश यात्रा की तैयारियों में कहीं न कहीं चूक हुई है। अगली बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा को सुगम बनाने के लिए सरकार एसओपी बनाएगी। शुक्रवार को चंबा में राजस्व मंत्री ने यह भी कहा कि अगले साल यात्रा के दाैरान लंगर समितियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। समितियां अपने स्तर पर लंगर लगा सकेंगी। उन्होंने आपदा में रेस्क्यू ऑपरेशन में बेहतरीन काम करने वाले कर्मचारियों, स्थानीय लोगों समेत लंगर समितियों को सम्मानित करने की घोषणा भी की।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि इस बार मणिमहेश यात्रा की तैयारियों में कहीं न कहीं चूक हुई है। अगली बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा को सुगम बनाने के लिए सरकार एसओपी बनाएगी। शुक्रवार को चंबा में राजस्व मंत्री ने यह भी कहा कि अगले साल यात्रा के दाैरान लंगर समितियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। समितियां अपने स्तर पर लंगर लगा सकेंगी। उन्होंने आपदा में रेस्क्यू ऑपरेशन में बेहतरीन काम करने वाले कर्मचारियों, स्थानीय लोगों समेत लंगर समितियों को सम्मानित करने की घोषणा भी की।