Himachal News: सीएम सुक्खू बोले- ई आफिस में तबदील होगा सचिवालय, सभी निदेशालय और उपायुक्त कार्यालय
मुख्यमंत्री ने सराहनीय कार्य करने के लिए आईटी विभाग की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी के डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सचिवालय सहित सभी निदेशालयों और उपायुक्त कार्यालयों में ई ऑफिस का उपयोग शीघ्र सुनिश्चित किया जाएगा। इससे सरकारी कार्यों में और दक्षता आएगी। जन शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन को भी और सुदृढ़ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को डिजिटल नवाचारों में प्रगतिशील राज्य का द्वितीय सराहना पुरस्कार प्राप्त करने पर शुभकामनाएं दी हैं। कंप्यूटर सोसायटी ऑफ इंडिया विशेष रूचि समूह की ओर से सूचना प्रौद्योगिकी तथा ई-गर्वेनेंस को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल प्रदेश को हाल ही में यह पुरस्कार प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने सराहनीय कार्य करने के लिए आईटी विभाग की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी के डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता व दक्षता लाने के लिए सरकार ने कई ऑनलाइन कार्यक्रम शुरू किए हैं।
उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के डाटा बेस को एकीकृत करने के लिए एक एकीकृत डाटा बेस प्रबंधन प्रणाली तैयार की जाएगी, जिसके माध्यम से कृषि, पशुपालन, श्रम और रोजगार इत्यादि विभिन्न विभागों की कल्याणकारी योजनाओं के प्रत्यक्ष लाभ हस्तातंरण के दृष्टिगत डीबीटी मैपिंग की जाएगी। एक ही स्थान पर परिवारों का उचित डाटा रखने के लिए हिम परिवार नाम से एक रजिस्ट्री बनाई जाएगी। इसमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली, ई-कल्याण और अन्य पोर्टल के डाटा के माध्यम से परिवार के सदस्यों से संबंधित जानकारी को एकीकृत किया जाएगा। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने बताया कि विभाग द्वारा सरकारी सेवाओं में सुधार, ई-गवर्नेंस और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण के लिए अनेक पहल की जा रही हैं। यह पुरस्कार सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा सुशासन और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में विभिन्न जी-टू-सी (सरकार से नागरिक) और जी-टू-बी (सरकार से व्यवसाय) सेवाएं प्रदान करने के सफल प्रयासों को मान्यता और उनकी सराहना के लिए दिया गया है।
मई 2024 तक क्रियाशील हो 100 मेगावाट की ऊहल तीन जलविद्युत परियोजना
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 100 मेगावाट की ऊहल तीन जलविद्युत परियोजना को मई 2024 तक क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को राज्य सचिवालय में ऊर्जा विभाग के कामकाज की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इस विद्युत परियोजना के क्षतिग्रस्त पेनस्टॉक को आठ माह के भीतर बदलने के निर्देश भी दिए। कहा कि इस परियोजना की स्थापना में पहले ही देरी हो चुकी है। अधिकारियों को निर्धारित समयावधि में परियोजना कार्य पूरा करने के लिए अथक प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार परियोजना को पूरा करने के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी। वह स्वयं 15 जून 2023 को परियोजना स्थल का निरीक्षण कर इसकी प्रगति की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट घोषणा के अनुसार प्रदेश सरकार राज्य के संभावित उद्यमियों को 100 किलोवाट से दो मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए 40 प्रतिशत वित्तीय सहायता देगी। सरकार बैंकों से इन परियोजनाओं को वित्त पोषित करने के लिए सहायता भी देगी। उन्होंने इस योजना की रूपरेखा शीघ्र तैयार करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को 200 मेगावाट की सौर परियोजनाओं को दिसंबर 2023 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने लाहौल-स्पीति जिले में सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए भूमि चिह्नित करने के भी अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में प्रस्तावित छह ग्रीन कॉरिडोर की स्थापना से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए इस वर्ष अक्तूबर तक सभी ग्रीन कॉरिडोर के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लगभग 1600 किलोमीटर लंबे इन कॉरिडोर के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इनमें इन कॉरिडोर के दायरे में आने वाले शहर भी शामिल होंगे। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार ने मार्च 2026 तक हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार रामसुभग सिंह, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, बहुउद्देश्शीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा सचिव राजीव शर्मा, निदेशक ऊर्जा हरिकेश मीणा, हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।