{"_id":"62d6d99ef8f07405b25e9c16","slug":"cm-jairam-thakur-inaugurates-vehicle-location-tracking-device-emergency-panic-button-system-and-command-control-centre","type":"story","status":"publish","title_hn":"Vehicle Location Tracking Device: व्यावसायिक वाहनों को ईआरएसएस से जोड़ने वाला पहला राज्य बना हिमाचल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Vehicle Location Tracking Device: व्यावसायिक वाहनों को ईआरएसएस से जोड़ने वाला पहला राज्य बना हिमाचल
Tue, 19 Jul 2022 09:50 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 19 Jul 2022 09:50 PM IST
सार
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि पैनिक बटन के निगरानी केंद्र को पुलिस मुख्यालय के इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम 112 से जोड़ा गया है। जब पैनिक बटन दबाया जाता है, तो सैटेलाइट से 112 पर सिगनल प्राप्त होगा और संकट में फंसे व्यक्ति से संपर्क कर पुलिस को भी सूचित किया जाएगा।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश 2019 के बाद व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) से लैस सभी पंजीकृत व्यावसायिक वाहनों को आपातकालीन प्रतिक्रिया समर्थन प्रणाली (ईआरएसएस) से जोड़ने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। अब इन वाहनों को वीएलटीडी से देश में कहीं भी ट्रैक किया जा सकेगा। प्रदेश में पंजीकृत 9,591 वाहनों को ईआरएसएस से जोड़ दिया गया है। अब इस पर पुलिस और परिवहन विभाग दोनों की निगरानी होगी।
विज्ञापन
मंगलवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिमला के राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ में एक कार्यक्रम में औपचारिक रूप से इस प्रणाली का उद्घाटन किया। उन्होंने सार्वजनिक वाहनों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन की भी सुविधा शुरू की। वाहन में सीट के पास यह बटन होगा, जिसे दबाकर किसी भी खतरे की स्थिति में पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकेगी। राजधानी शिमला में चल रही इलेक्ट्रिक और एचआरटीसी की नई बीएस-6 बसों में भी यह प्रणाली जोड़ दी गई है। पैनिक बटन से आने वाली सूचना के लिए शिमला के परिवहन भवन में निगरानी केंद्र स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे काम करेगा।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि पैनिक बटन के निगरानी केंद्र को पुलिस मुख्यालय के इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम 112 से जोड़ा गया है। जब पैनिक बटन दबाया जाता है, तो सैटेलाइट से 112 पर सिगनल प्राप्त होगा और संकट में फंसे व्यक्ति से संपर्क कर पुलिस को भी सूचित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुल्लू बस दुर्घटना की सूचना में विलंब के कारण बचाव अभियान में देरी हुई थी, लेकिन इस प्रणाली के बाद तुरंत सूचना मिलने से भविष्य में ऐसा नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ की वेबसाइट का लोकार्पण भी किया।
विज्ञापन
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पंजीकरण शुल्क, टोकन टैक्स में सौ फीसदी छूट
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी लागू की गई है। 1150 इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हो चुका है। 2025 तक इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण में 15 फीसदी वृद्धि का लक्ष्य रखा है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पंजीकरण शुल्क और टोकन टैक्स में सौ फीसदी छूट दी गई है। इतना ही नहीं, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की छठी कक्षा से सड़क सुरक्षा अध्याय शामिल किया जा रहा है। परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश इस परियोजना को शुरू करने वाला देश का पहला राज्य है।