श्रम कानून में संशोधन के खिलाफ सीटू ने विधानसभा घेरकर बोला हल्ला
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सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) राज्य कमेटी ने प्रदेश सरकार के श्रम कानूनों में संशोधन के विरोध में मंगलवार को विस का घेराव किया और सरकार से खिलाफ नारेबाजी की। सीटू नेताओं ने ऐलान किया है कि श्रम कानूनों में संशोधनों को वापस नहीं लिया तो 23 सितंबर को देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। मजदूरों की मांगों को लेकर शिमला के उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भी भेजा गया। इससे पहले सीटू से जुड़े कामगारों ने विक्ट्री टनल वाय श्रम विभाग होकर कनेडी चौक तक जुलूस भी निकला। सीटू नेताओं ने कहा कि कामगारों को कनेडी चौक तक आने के लिए रोका गया ताकि मजदूरों की आवाज दबाई जा सके।
सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर ठाकुर और प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि श्रम कानूनों को बदलना मजदूर विरोधी है। प्रदेश के 5175 पंजीकृत कारखानों में कार्य करने वाले 3,50,550 मजदूर बुरी तरह प्रभावित होंगे। लाखों ठेका मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा खत्म हो जाएगी। फिक्स टर्म कार्य के जरिये मजदूरों का भारी शोषण होगा। मजदूरों के रिकॉर्ड की प्रक्रिया भी खत्म होगी। देश पर बाहरी आक्रमण या अंदरूनी इमरजेंसी में ही श्रम कानून मे संशोधन की इजाजत है। कोरोना महामारी की आड़ में किए बदलाव पूरी तरह मजदूर विरोधी हैं।
गैर सांविधानिक और गैर कानूनी हैं। मजदूर हड़ताल करने के बुनियादी अधिकार से भी वंचित हो जाएंगे। इससे 200 से अधिक मजदूरों वाली स्थापनाओं में छंटनी होगी। मजदूर विरोधी फिक्स टर्म व्यवस्था को तुरंत खत्म किया जाए। प्रदेश सीटू महासचिव प्रेम गौतम, उपाध्यक्ष जगत राम, सुरेश राठौर, बालक राम, सुरेंद्र बिट्टू, दलीप, मदन, वीरेंद्र लाल, बलबीर पराशर, चंद्रकांत वर्मा, अनिल ठाकुर, दर्शन लाल, राकेश सलमान, सीता राम, चुनी लाल मौजूद रहे।