Mandi News: केंद्रीय जल आयोग की टीम ने ऊहल परियोजना तृतीय का किया निरीक्षण
मंडी जिले के जोगिंद्रनगर की 100 मेगावाट की ऊहल जल विद्युत परियोजना तृतीय का केंद्रीय जल आयोग की टीम ने निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने पेन स्टॉक और पावर हाउस के निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की।
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हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर की 100 मेगावाट की ऊहल जल विद्युत परियोजना तृतीय का केंद्रीय जल आयोग की टीम ने निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने पेन स्टॉक और पावर हाउस के निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की। साथ ही भूमिगत टनल में स्टील की प्लेटों की जांच कर जरूरी दिशा निर्देश जारी किए हैं। केंद्र की इस निरीक्षण टीम में मौजूद विभिन्न विशेषज्ञों ने परियोजना प्रबंधन से बैठक कर कई बिंदुओं पर चर्चा की। विद्युत उत्पादन से संबंधित मानकों को भी पूरा करने की भी हिदायत दी है। बता दें कि कुछ दिन पहले ऊहल परियोजना के एमडी हरीकेश मीणा ने भी परियोजना के निर्माण कार्यों का जायजा लेकर प्रदेश सरकार को रिपोर्ट सौंपी थी।
मुख्यमंत्री के आदेशों के तहत परियोजना से मई 2024 में फिर से विद्युत उत्पादन शुरू करने को लेकर जारी आदेशों पर परियोजना प्रबंधन ने भी गंभीरता दिखाते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाई है। इधर, सौ मेगावाट ऊहल परियोजना तृतीय के प्रबंध निदेशक देवेंद्र कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता के लिए प्रोजेक्ट की क्वालिटी कंट्रोल की टीमें पहले से ही तैनात कर रखी है। प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री के आदेशों की पालना करते हुए दो किलोमीटर टनल में 4.35 भूमिगत भाग को नए सिरे से स्थापित करने का कार्य तेजी से चल रहा है। मई 2024 में विद्युत उत्पादन शुरू करने के निर्धारित लक्ष्य को लेकर परियोजना प्रबंधन के करीब 80 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। टनल का निर्माण कार्य जोरों से चल रहा है।
शुक्रवार को ऊहल परियोजना के अधीक्षण अभियंता प्रदीप धीमान ने बताया कि सेल्मा स्टील की गुणवत्ता पर उठे सवाल को देखते हुए इस बार निर्माण कार्य में कोई भी कोताही नहीं बरती जा रही है। चूल्हा स्थित पावर हाउस में बीएचईएल के तकनीकी कर्मचारियों ने अधिकांश कार्य पूरा कर लिया है। मई 2024 में ऊहल परियोजना की तीनों टरबाइनों से विद्युत उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया है। परियोजना से रोजाना सौ मेगावाट विद्युत उत्पादन होने से प्रदेश सरकार के खजाने में हर माह 120 करोड़ रुपये राजस्व आएगा।