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राज्य बिजली बोर्ड को केंद्र ने दिया ए ग्रेड का दर्जा, अब योजनाओं में मिलेगी प्राथमिकता
Wed, 23 Oct 2019 10:42 AM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 23 Oct 2019 10:42 AM IST
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केंद्र सरकार के विद्युत मंत्रालय ने राज्य बिजली बोर्ड को ए ग्रेड का दर्जा दे दिया है। बीते कई वर्षों से बिजली बोर्ड के पास बी ग्रेड का दर्जा था। ग्रेडिंग में सुधार होने से अब राज्य बिजली बोर्ड को केंद्र सरकार की योजनाओं में प्राथमिकता मिलेगी।
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इसके अलावा कम ब्याज दरों पर बोर्ड को ऋण भी मिल सकेगा। बोर्ड के संयुक्त निदेशक लोक संपर्क अनुराग पराशर ने बताया कि बीते दो वर्षों में दीनदयाल उपाध्याय और आईपीडीएस योजनाओं के तहत रिकॉर्ड कार्य कर बोर्ड ने अपनी क्षमता बढ़ाई है।
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मुख्यमंत्री रोशनी योजना के तहत गरीब परिवारों को निशुल्क कनेक्शन देने की योजना पहली बार राज्य सरकार की सहायता से शुरू की गई है। 25 मेगावाट तक की क्षमता वाली जल विद्युत परियोजनाओं से पैदा विद्युत उत्पादन को बोर्ड के लिए क्रय करना अनिवार्य बनाया गया है।
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उन्होंने बताया कि बोर्ड द्वारा 90 फीसदी विद्युत आपूर्ति हरित ऊर्जा से की जा रही है। औद्योगिक इकाइयों को 15 फीसदी बिजली दरों में छूट देकर गत 2 वर्षों के इतिहास में बोर्ड ने देश में कम मूल्य की दरों को संभव बनाया है।
विद्युत दरों का इस तरह प्रबंधन किया गया है कि प्रदेश के किसी भी उपभोक्ता को दिक्कत न हो। औद्योगिक क्षेत्र को बिजली दरों में 15 फीसदी छूट देकर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिया गया है।
संचार और वितरण हानियों को कम कर 11 फीसदी तक नीचे पहुंचाया है, जो देश के अन्य राज्यों के मुकाबले काफी कम है। वर्ष 2018-19 में 12300 गले-सड़े खंभों को बदला गया। इन कार्यों को देखते हुए भारत सरकार ने बोर्ड की ग्रेडिंग में सुधार किया है।