Illegal Mining Case: अवैध खनन के कारोबार में हिमाचल के ऊना में चार पर केस दर्ज
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत पर 35 करोड़ के अवैध खनन के कारोबार मामले में हिमाचल प्रदेश की ऊना पुलिस ने स्टोन क्रशर मालिक समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और षड्यंत्र रचने के आरोप में केस दर्ज किया है।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत पर 35 करोड़ के अवैध खनन के कारोबार मामले में हिमाचल प्रदेश की ऊना पुलिस ने स्टोन क्रशर मालिक समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और षड्यंत्र रचने के आरोप में केस दर्ज किया है। ईडी ने इस मामले में पुलिस थाना सदर ऊना में वर्ष 2021 में दर्ज अवैध खनन के एक मामले को आधार मानते हुए मनी लॉर्ड्रिंग को लेकर जांच की थी। जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं। जिले में करीब एक सप्ताह से ईडी की जांच टीम ने डेरा डाला हुआ था। जानकारी के अनुसार पुलिस थाना सदर में ईडी के उपनिदेशक शिमला ने सोमवार को शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया गया कि मनी लॉर्डिंग के मामले को लेकर ईडी की टीम ने ऊना जिले के विभिन्न स्थानों में दबिश दी। तलाशी के दौरान ईडी टीम को कई दस्तावेज व नकदी भी बरामद हुई।
ईडी की जांच सामने आया है कि आरोपियों ने हरोली क्षेत्र में स्वां नदी किनारे लीज से अधिक क्षेत्र और निर्धारित गहराई से अधिक खनन किया है। अवैध रूप से अधिक खनन कर रेत, बजरी और पत्थर/बोल्डर को धड़ल्ले से बेचा गया। जांच में अब तक करीब 35 करोड़ रुपये का अवैध खनन के कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है। आरोपी के नाम हरोली क्षेत्र में तीन स्टोन क्रेशर और 11 माइनिंग लीज हैं। सभी नियमों को दरकिनार करते हुए अवैध रूप से खनन किया गया। आरोपियों की पहचान स्टोन क्रेशर मालिक लखविंद्र सिंह निवासी लंडरां छुन्नी रोड खरड़ पंजाब, दर्शन सिंह साइट मैनेजर, अमित कुमार कौंडल मैनेजर, घनश्याम मीणा मैनेजर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि इस मामले में ईडी ने एक आरोपी से शिमला में भी पूछताछ की है। उधर, पुलिस अधीक्षक ऊना अर्जित सेन ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है। बताया कि ईडी के उपनिदेशक की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। मामले में जांच जारी है।