कैबिनेट फैसला: हिमाचल में ठेकेदारों को जारी होगा बकाया भुगतान; आगे भी नहीं रुकेगा पैसा, हड़ताल खत्म
सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि ठेकेदारों को उनका बकाया भुगतान कर दिया जाएगा और आगे भी किसी भी काम का पैसा नहीं रोका जाएगा। कैबिनेट के फैसले के बाद हिमाचल ठेकेदार एसोसिएशन ने हड़ताल वापस ले ली है।
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हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने हड़ताल पर चल रहे ठेकेदारों की मांगें मान ली हैं। बुधवार को राज्य सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि ठेकेदारों को उनका बकाया भुगतान कर दिया जाएगा और आगे भी किसी भी काम का पैसा नहीं रोका जाएगा। कैबिनेट के फैसले के बाद हिमाचल ठेकेदार एसोसिएशन ने हड़ताल वापस ले ली है। कैबिनेट ने यह भी फैसला लिया है कि ठेकेदारों के जीएसटी भुगतान की प्रतिपूर्ति का मामला भी केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। प्रदेश गौण खनिज रियायत और खनिज के अवैध खनन, उसके परिवहन एवं भंडारण के निवारण नियम 2015 में संशोधन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। यानी डब्ल्यूएक्स फार्म को लेकर लगाई सख्ती के नियमों में संशोधन की मंजूरी दी गई है। इससे विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के लिए सड़कों, दीवारों के लिए पत्थर और रेत जैसे खनिज पदार्थों की आसानी से उपलब्धता हो सकेगी।
ठेकेदारों की हड़ताल से चरमराई व्यवस्था को देखते हुए बुधवार सुबह 10 बजे बुलाई गई इस आपात बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की। इसमें निर्णय हुआ है कि सरकारी विभागों और एजेंसियों से संबंधित सड़कों के निर्माण के दौरान गौण खनिज पदार्थों के उसी कार्य के लिए उपयोग की अनुमति खनन अधिकारी दे सकेंगे। सड़कों के निर्माण सहित सुरक्षा दीवार, डंगों की सोलिंग आदि के कार्य भी इसमें शामिल होंगे, जिसमें एक समय में 10 हजार मीट्रिक टन प्रतिमाह और अधिकतम 20 हजार मीट्रिक टन प्रति कार्य के उपयोग की ही अनुमति होगी। इसके लिए कार्य करवाने वाले प्रभारी सहायक अभियंता के पद से कम नहीं होंगे। इनकी रिपोर्ट को ही आधार माना जाएगा। कैबिनेट ने इसमें एक नियम शामिल करने का भी निर्णय लिया, जिसमें यह प्रावधान किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति खनन लीज होल्डर नहीं है और उसने नियमों का उल्लंघन नहीं किया है, लेकिन ट्रांजिट फार्म (डब्ल्यूएक्स) उपलब्ध नहीं करवा सका है, ऐसी स्थिति में प्रचलित दरों पर रॉयल्टी और इसमें 25 फीसदी जुर्माने का भुगतान करना होगा। ऐसी स्थिति में ठेकेदारों को काम का भुगतान हो जाएगा।
ठेकेदारों की हड़ताल से सूबे में दो दिन के भीतर 60 करोड़ के काम प्रभावित
वहीं, हिमाचल प्रदेश में दो दिन ठेकेदारों की हड़ताल से 60 करोड़ के काम प्रभावित हुए हैं। इसमें शिवधाम, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, मिनी सचिवालय, सड़कों और डंगों के काम शामिल हैं। हड़ताल खत्म होने के बाद आज से इन कार्यों को गति मिलेगी। कैबिनेट की बैठक में ठेकेदारों को राहत देने के बाद यूनियन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, गोविंद ठाकुर और रामलाल मारकंडा लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव शुभाशीष पांडा से मुलाकात की। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार की ओर से जिन प्रोजेक्टों को पूरा करने का समय निर्धारित किया है, वह उसी समय में पूरा होगा। हिमाचल में गुणवत्ता वाला काम होगा।
हिमाचल ठेकेदार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश कुमार बिज ने कहा कि नियम सख्त होने से ठेेकेदारों को राशि का भुगतान नहीं हो रहा था। जिन ठेेकेदारों के पास डब्ल्यूएक्स फार्म नहीं होगा, उन्हें 25 फीसदी जुर्माना लगेगा, लेकिन विभाग की ओर से राशि को नहीं रोका जा सकेगा। पहले भी हिमाचल में यही व्यवस्था थी, लेकिन दो महीने से नियमों में सख्ती की गई। इसमें कहा गया कि जब तक विकास कार्यों के सभी डब्ल्यूएक्स फार्म जमा नहीं होंगे, राशि जारी नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल में ठेकेदारों की करोड़ों की राशि विभाग के पास फंसी पड़ी है। जिसका भुगतान हो सकेगा। यूनियन के महासचिव राजेश सुमन ने कहा कि जिलों में सभी यूनियन को काम पर लौटने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार जताया है।