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Hati: हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने की मंजूरी से भाजपा ने चला तुरुप का पत्ता

Fri, 16 Sep 2022 01:49 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 16 Sep 2022 01:49 PM IST
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सार
केंद्र और राज्य दोनों में ही सत्तारूढ़ भाजपा ने हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार के गृह जिला में सेंध लगाई है। इससे फैसले से शिमला संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की रणनीति बनाई है।
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BJP plays trump card with the approval of giving tribal status to Hati community
सीएम जयराम ने हाटी समुदाय के प्रतिनिधियों की बैठक(फाइल) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने की केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी दिलाकर भाजपा ने तुरुप का पता चला है। केंद्र और राज्य दोनों में ही सत्तारूढ़ भाजपा ने हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार के गृह जिला में सेंध लगाई है। इससे फैसले से शिमला संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की रणनीति बनाई है। वर्षों से लंबित चल रही हाटी समुदाय के लोगों की इस मांग को पूरा कर हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव से डेढ़ महीने पहले बड़ी सियासी चाल चली है।



सिरमौर जिला के चार विधानसभा हलकों रेणुका, शिलाई, पच्छाद और पांवटा के लोग इस मांग को बरसों से उठा रहे थे। वे तर्क दे रहे थे कि हिमाचल की सीमा से उस पार उत्तराखंड में सीमा पर उन्हीं की बिरादरी के और उन्हीं जैसी संस्कृति तथा परंपराओं को अपनाए लोग जनजातीय घोषित हैं, लेकिन वे नहीं हैं। यह भेदभाव क्यों हो रहा है। इस समुदाय के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे से ठीक से अवगत करवाने में कामयाब हो गए।


पीएम नरेंद्र मोदी 90 के दशक में हिमाचल भाजपा के प्रभारी रह चुके हैं। वह हिमाचल प्रदेश के गांव-गांव को जानते हैं। लोहा गरम था यानी सामने हिमाचल प्रदेश विधानसभा के चुनाव हैं। भाजपा मिशन रिपीट के लिए आतुर है। शिमला संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस से भाजपा का कड़ा मुकाबला माना जाता है। इस संसदीय क्षेत्र में रामपुर को छोड़कर पूरा जिला शिमला, पूरे सिरमौर और सोलन जिले आते हैं। सिरमौर जिले के पांच में से चार विधानसभा हलके इस मुद्दे से सीधे तौर पर प्रभावित होते हैं।

निकटवर्ती शिमला जिले के चौपाल और कुपवी क्षेत्र के लोग भी अब कहने लगे हैं कि उनकी संस्कृति भी हाटियों से मिलती-जुलती है तो उन्हें भी यह दर्जा दिया जाए। इससे निकटवर्ती अन्य क्षेत्रों की भी जनजातीय दर्जा पाने की आस बढ़ गई है। कुल मिलाकर भाजपा ने इस फैसले से मतदाताओं की नब्ज को भी छुआ है। भाजपा इसका लाभ लेने की आगामी दिनों में स्वाभाविक रूप से रणनीति बनाएगी और अभी तक उपेक्षा करने का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस पर हमलावर रुख में नजर आएगी। 

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