{"_id":"6176632a01342040cd4d9eff","slug":"barefoot-mallu-aakash-nambiar-run-50-kilometer-in-10-hours-from-manali-to-rohtang","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनाली से रोहतांग: अफगानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा के समर्थन में 10 घंटे में 50 किमी दौड़े आकाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनाली से रोहतांग: अफगानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा के समर्थन में 10 घंटे में 50 किमी दौड़े आकाश
Mon, 25 Oct 2021 01:27 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, मनाली (कुल्लू)
संवाद न्यूज एजेंसी, मनाली (कुल्लू)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 25 Oct 2021 01:27 PM IST
सार
आकाश नांबियार ने कहा कि रोहतांग बहुत ठंडा था, इसलिए उन्हें नंगे पैर दौड़ने के बजाय जूते का प्रयोग करना पड़ा। आकाश एक भारतीय अल्ट्रा-मैराथन धावक है, जिसे बेयरफुट मल्लू के रूप में जाना जाता है।
विज्ञापन
धावक आकाश नांबियार
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केरल के मूल निवासी 33 वर्षीय धावक आकाश नांबियार ने मनाली से रोहतांग तक 50 किमी की दूरी 10 घंटे में तय की। धावक आकाश ने साढ़े छह हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित मनाली से दौड़ना शुरू किया था। 10 घंटे के भीतर 13,050 फीट ऊंचे दर्रे तक जा पहुंचे।
विज्ञापन
धावक ने कहा कि यह दौड़ अफगानिस्तान में उन महिलाओं और लड़कियों की शिक्षा का समर्थन करने के लिए थी, जिन्हें अपने देश से भागना पड़ा था। यह दौड़ फ्री टू रन एनजीओ के लिए धन जुटाने के लिए लगाई गई, जो युद्ध ग्रस्त क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र के तहत काम करता है।
विज्ञापन
हिमाचल को चुनने का कारण यह रहा कि इसकी भौगोलिक स्थिति अफगानिस्तान के समान है। उन्होंने कहा कि रोहतांग बहुत ठंडा था, इसलिए उन्हें नंगे पैर दौड़ने के बजाय जूते का प्रयोग करना पड़ा। गौर रहे कि आकाश एक भारतीय अल्ट्रा-मैराथन धावक हैं, जिसे बेयरफुट मल्लू के रूप में जाना जाता है। आकाश ने कहा कि युवाओं को फिटनेस के प्रति प्रेरित किया जा रहा है।
विज्ञापन