संशोधित वेतनमान के प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजने पर रोक, पढ़ें पूरा मामला
अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना ने सभी प्रशासनिक सचिवों को इस संबंध में एक पत्र भेजा है। इसमें जल्द ही छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के संकेत दिए गए हैं। इसमें कहा है कि वेतनमानों में संशोधन का मामला पहले से ही सरकार के विचाराधीन है।
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हिमाचल प्रदेश सरकार के वित्त महकमे के लिए विभिन्न विभागों से अधिकारियों और कर्मचारियों के संशोधित वेतनमान के प्रस्ताव पर रोक लगाई गई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना ने सभी प्रशासनिक सचिवों को इस संबंध में एक पत्र भेजा है। इसमें जल्द ही छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के संकेत दिए गए हैं। इसमें कहा है कि वेतनमानों में संशोधन का मामला पहले से ही सरकार के विचाराधीन है। अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना ने सभी प्रशासनिक सचिवों को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि विभिन्न विभागों से उन्हें प्रस्ताव मिल रहे हैं, जिनके अनुसार पे बैंड में बढ़ोतरी, ग्रेड पे, विशेष वेतन, सचिवालय वेतन, भत्ते आदि में बढ़ोतरी की मांग उठाई गई है।
ये प्रस्ताव ऐसे समय में आ रहे हैं, जबकि वेतनमानों में संशोधन का मामला सामने है और वर्तमान वेतनमानों और इनके ढांचों को एक विचारणीय बदलाव किया जाना है। इन तथ्यों को ध्यान में रखकर यह तय किया गया है कि इस तरह के प्रस्तावों पर अभी इस चरण में विचार नहीं किया जाएगा। ऐसे प्रस्तावों को वित्त विभाग को नहीं भेजा जाए। विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव अधिकारियों और कर्मचारियों के दबाव में इस तरह के प्रस्ताव लगातार अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त को भेज रहे हैं।