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बद्दी अग्निकांड: हादसे वाले दिन था बेटे का जन्मदिन, केक ऑर्डर देने के बाद फैक्टरी से नहीं लौट पाई मां

Mon, 05 Feb 2024 11:47 AM IST
Krishan Singh सुभाष कुमार अग्निहोत्री,वाद न्यूज एजेंसी, चंबा
सुभाष कुमार अग्निहोत्री,वाद न्यूज एजेंसी, चंबा Published by: Krishan Singh Updated Mon, 05 Feb 2024 11:47 AM IST
सार

औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के झाड़माजरी में हिलटॉप स्थित परफ्यूम फैक्टरी के बाहर चंबा के सर्वदयाल अपनी पत्नी चंपो को तीन दिन और रात से बिना खाए-पीए तलाश रहे हैं। 

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Baddi fire incident: It was son's birthday on the day of the accident, mother could not return from the factor
चंपो देवी अपने पति के साथ(फाइल) - फोटो : संवाद

विस्तार

 बद्दी अग्निकांड के बाद भले ही परफ्यूम फैक्टरी की आग शांत हो गई हो, लेकिन अग्निकांड कई परिवारों को उम्रभर के जख्म दे गया।। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के झाड़माजरी में हिलटॉप स्थित परफ्यूम फैक्टरी के बाहर चंबा के सर्वदयाल अपनी पत्नी चंपो को तीन दिन और रात से बिना खाए-पीए तलाश रहे हैं। बच्चों के पेट की आग बुझाने गईं चंपो लापता हैं। रोते-बिलखते बच्चों को देख सर्वदयाल समझ नहीं पा रहे कि उनकी मां को वह कहां से लेकर आएं। छह साल की रूही रात को मम्मा-मम्मा कहते हुए बार-बार उठ जाती है।
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चारों तरफ नजर दौड़ाती है और मां को अपने पास न पाकर रोने लगती है। रूही अब भी यही सोचती है कि मां फैक्टरी में काम करने के बाद घर लौटेगी और उसे प्यार-दुलार करेगी। 11 साल के अथर्व का भी यही हाल है। अथर्व के जन्मदिन को खास बनाने की तैयारी में मां चंपो कई दिन से पैसे जोड़ रही थीं। घटना वाले दिन शुक्रवार को बेटे से केक भी कटवाना चाहती थीं। केक का ऑर्डर देने के लिए उस दिन चंपो सुबह काम पर घर से आधा घंटा पहले 8:30 बजे ही चली गईं। लेकिन उसके बाद घर नहीं लौटीं।
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रुंधे स्वर में सर्वदयाल ने फोन पर बताया कि बिलखते बच्चों काे नहीं संभाल पा रहा हूं। पत्नी की तलाश करूं या बीमार मां और बच्चों को संभालूं। कुछ समझ नहीं आ रहा। इसीलिए बच्चों को रिश्तेदारों के पास गांव बड़ोह ग्राम पंचायत मसरूंड डाकघर कंदला भेज दिया है। सर्वदयाल ने बताया कि वह पत्नी और बच्चों के साथ शिवालिग नगर स्थित क्वार्टर में रहते हैं। परिवार के पालन पोषण के लिए वह दूसरी फैक्टरी में काम करते हैं।

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फैक्टरी में आग लगने की भनक लगते ही वह गिरते-पड़ते घटनास्थल तक पहुंचे। लेकिन, अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। कोई भी आस अब नजर नहीं आ रही है। सर्वदयाल ने बताया कि तीन वर्ष की आयु में उन्होंने अपने पिता को खो दिया। उसके बाद मां मानसिक रूप से बीमार हो गईं। भाई की पत्नी की दो वर्ष पहले मौत हो चुकी है। अब उनकी पत्नी भी लापता हैं। वहीं, चुराह के विधायक हंसराज ने बताया कि उनके पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू से बात हुई है। उन्होंने फैक्टरी में फंसे लोगों को निकालने का आश्वासन दिया है।

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पत्नी ने कही थी फैक्टरी बंद होने की बात
सर्वदयाल ने बताया कि उनकी पत्नी ने 15 दिन पूर्व ही फैक्टरी बंद होने की बात कही थी। कहा था कि फैक्टरी बंद होने वाली है, ऐसे में अब वह दूसरी जगह नौकरी की तलाश में जुट जाएगी। सर्वदयाल ने फैैक्टरी प्रबंधक पर आरोप लगाया कि प्रबंधन की ओर से ही फैक्टरी में आग लगाई गई है। साथ ही वहां से कोई भाग न सके, इसके लिए शटर बंद कर दिए गए।

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