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मौसम की मार: हिमाचल में 20 दिन आगे खिसका सेब सीजन, आम का बौर झुलसा, ठंड से मर रहीं मधुमक्खियां
Wed, 05 Apr 2023 04:48 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू/नाहन (सिरमौर)/रोहड़ू/शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू/नाहन (सिरमौर)/रोहड़ू/शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 05 Apr 2023 04:48 PM IST
सार
मौसम के इस कुचक्र के चलते प्रदेश में जहां सेब सीजन 20 दिन आगे खिसक गया है, वहीं फलों के राजा आम के पेड़ों पर आया बौर झुलसने लगा है। तापमान में गिरावट के चलते इस फसल को फंगस रोग लगने की आशंका है।
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सेब पर मौसम की मार, ठंड से मर रहीं मधुमक्खियां।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश-बर्फबारी से गिर रहे तापमान का विपरीत असर नकदी फसलों के अलावा गेहूं और आलू पर पड़ने लगा है। मौसम के इस कुचक्र के चलते प्रदेश में जहां सेब सीजन 20 दिन आगे खिसक गया है, वहीं फलों के राजा आम के पेड़ों पर आया बौर सिकुड़ने लगा है। तापमान में गिरावट के चलते इस फसल को फंगस रोग लगने की आशंका है।
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वहीं, कई क्षेत्रों में गेहूं की फसल तैयार हो गई थी, लेकिन बारिश से गेहूं को नुकसान पहुंचा है। कुल्लू जिले में 15 मार्च से लगातार ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी व निचले इलाकों में बारिश से सेब को अनुकूल तापमान नहीं मिलने से सेब की फसल 20 दिन देरी से तैयार होगी। जिला में करीब 27,000 हेक्टेयर में सेब के बगीचे हैं और करीब 90 प्रतिशत लोग बागवानी से जुड़े हैं।
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जिला में करीब 1,000 करोड़ और पूरे प्रदेश में करीब 5,000 करोड़ रुपये का सेब कारोबार होता है। बागवानी विभाग कुल्लू के उपनिदेशक बीएम चौहान ने कहा कि अभी तक बेमौसम बर्फबारी से सेब को अधिक नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन फ्लावरिंग के समय मौसम अनुकूल रहने की जरूरत है। सेब की फ्लावरिंग व सेटिंग के समय तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए।
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अभी तापमान 13 से 17 डिग्री के बीच ही चल रहा है। सिरमौर के मैदानी इलाकों के बागवानों के लिए आम की फसल आमदनी का जरिया भी है। नाहन के कई हिस्सों में आम की 3,000 मीट्रिक टन पैदावार होती है लेकिन इस बार रोग के चलते फलों का उत्पादन गिरने की आशंका है। प्रदेश के कई जिलों में आम की फसल होती है।
ठंड से मर रहीं गर्म इलाकों से सेब के बगीचों में परागण के लिए लाईं मधुमक्खियां
प्रदेश में सेब की फसल पर मौसम का संकट गहरा रहा है। बगीचों में परागण के लिए गर्म इलाकों से लाकर रखीं मधुमक्खियां ठंड से मर रही हैं। सेब बहुल क्षेत्रों में फूलों पर मधुमक्खियां परागण में व्यस्त रहती थीं। इस बार ठंड में बगीचों में खिले फूलों की ओर मधुमक्खियां आकर्षित नहीं हो पा रही हैं। भूख और ठंड के कारण सेब बहुल क्षेत्र में मधुमक्खियों के सैकड़ाें बॉक्स खाली गए हैं। सेब सेटिंग के लिए परागण की अहम भूमिका रहती है, जिस पर इन दिनों ठंड की मार पड़ रही है।
मैदानी जिलों में 10 अप्रैल तक मौसम साफ रहने के आसार
शिमला, सोलन, कुल्लू, सिरमौर, मंडी, चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के कुछ उच्च क्षेत्रों में बुधवार को बूंदाबांदी और बादल छाने का पूर्वानुमान है। मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में 10 अप्रैल तक मौसम साफ बना रहने की संभावना है।